Mallikarjun Kharge Manusmriti
Mallikarjun Kharge Manusmriti: NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर खड़ा हुए छात्रों के विरोध के बाद शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा. प्रदर्शन से सबक लेकर केंद्र सरकार ने ऐसा दोबारा ना हो इसके लिए सदन में एंटी पेपर लीक बिल लेकर आई. राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने इसे राज्यसभा में पेश किया. इस बिल पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने चर्चा की शुरुआत की.
खरगे ने चर्चा के दौरान मनुस्मृति पर कुछ ऐसा बोल दिया जिससे सदन में हंगामा हो गया. हंगामे की वजह से प्रश्नकाल नहीं चल सका. जिसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही 3 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ गई.
खड़गे ने क्या कहा?
राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि शिक्षा में सत्ता पक्ष के द्वारा मनुस्मृति को बढ़ावा दिया जा रहा है.
आज सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात करती है, लेकिन 2024 NEET पेपर लीक के मुख्य आरोपी संजीव मुखिया को CLEAN CHIT मिल गई।
सरकार बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन…
2026 NEET पेपर लीक के मामले में जब कुछ दिन पहले सुनवाई होनी थी, तब पहली ही सुनवाई में CBI के वकील पेश नहीं हुए।
हालत… pic.twitter.com/X5OcAdUBjh
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 30, 2026
उन्होंने कहा कि कुछ सालों में ही 152 से ज्यादा परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, लेकिन एक भी आरोपी को सजा नहीं मिली. क्या एजेंसियां सो रही हैं. सरकार क्या कर रही है. खड़गे ने कहा कि शिक्षा चुनिंदा लोगों का विशेषाधिकार नहीं है. शैक्षणिक संस्थाओं पर आरएसएस का कब्जा है.
सिलेबस को लेकर किया करारा हमला
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आपका कहना है कि यूनिवर्सिटीज में अच्छे शिक्षक आएं, अच्छे वीसी आएं, लेकिन आप जो सिलेबस बदल रहे हैं उसमें मनुस्मृति की झलक आ रही है. जिसमें आ रहा है कि शूद्र के वेद पाठ सुनने पर शीशे और जस्ते पिघलाकर उनके कान में भर दिये जाएं.
वेद मंत्र का उच्चारण करने पर शूद्रों की जीभ काट ली जाए. ये सिलेबस आरएसएस का है. मैं ऐसे विचारों की निंदा करता हूं. सिलेबस से ऐसी सामग्रियों को हटाया जाए.
विश्वविद्यालयों में आरएसएस के लोगों को भरा जा रहा
मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज विश्वविद्यालयों में आरएसएस के लोगों को भरा जा रहा है. जबकि यूपीए की सरकार में सबको समान शिक्षा देने के लिए शिक्षा का अधिकार कानून लागू किया गया था.
जैसे ही नेता विपक्ष खड़गे ने राज्यसभा में ये आरोप लगाये, हंगामा मच गया. विपक्ष ने जहां माफी-माफी के नारे लगाये, वहीं सत्ता पक्ष ने उनके इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई. स्पीकर ने कहा कि खड़गे की मनुस्मृति पर की गई ये टिप्पणियां रिकॉर्ड से हटायी जाएंगी.
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मल्लिकार्जुन खड़के के इन टिप्पणियों पर जेपी नड्डा ने कड़ा ऐतराज जताया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता मनुस्मृति का ओरिजनल टेक्स्ट को ऑथेंटिकेट करें.
-भारत एक्सप्रेस
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