Priyanka Gandhi Remark Row
Priyanka Gandhi Remark Row: प्रोफेसर वी. कामाकोटी को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की कथित टिप्पणी पर शिक्षा जगत में नाराजगी देखने को मिल रही है. इस मुद्दे पर देशभर के करीब 215 कुलपतियों (Vice Chancellors), पूर्व कुलपतियों (Former Vice Chancellors) और शिक्षा जगत से जुड़े प्रमुख लोगों ने प्रियंका गांधी को एक खुला पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है. पत्र में प्रोफेसर कामाकोटी के शैक्षणिक योगदान और उनकी प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार बयानबाजी की अपेक्षा जताई गई है.
बयान देने से पहले पूरी जानकारी होनी चाहिए
इस मामले पर क्लस्टर यूनिवर्सिटी जम्मू के कुलपति प्रोफेसर के.एस. चंदर शेखर ने कहा कि प्रियंका गांधी की टिप्पणी से उन्हें और शिक्षा जगत से जुड़े कई लोगों को पीड़ा हुई है. उन्होंने बताया कि इसी वजह से शिक्षाविदों ने सामूहिक रूप से खुला पत्र लिखने का निर्णय लिया. प्रोफेसर चंदर शेखर ने कहा कि किसी भी राजनीतिक नेता या सांसद को किसी व्यक्ति पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से पहले पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए. उनका मानना है कि सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के शब्दों का व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए उन्हें सोच-समझकर अपनी बात रखनी चाहिए.
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युवाओं के लिए प्रेरणा हैं प्रोफेसर कामाकोटी
उन्होंने कहा कि प्रोफेसर वी. कामाकोटी देश के युवाओं के बीच एक सम्मानित शिक्षाविद हैं और बड़ी संख्या में छात्र उन्हें प्रेरणास्रोत मानते हैं. शिक्षा, अनुसंधान और अकादमिक क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उनके बारे में इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं मानी जा सकती. उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.
माफी पर फैसला प्रियंका गांधी का
प्रियंका गांधी से माफी की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रोफेसर के.एस. चंदर शेखर ने कहा कि माफी मांगना या न मांगना पूरी तरह प्रियंका गांधी का व्यक्तिगत निर्णय है. उन्होंने कहा कि शिक्षाविदों ने अपनी भावनाएं और आपत्तियां खुले पत्र के माध्यम से स्पष्ट कर दी हैं. अब आगे क्या कदम उठाना है, यह प्रियंका गांधी को तय करना है.
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