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जयपुर में कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस 2026 का उद्धघाटन के दौरान सीजेआई ने कहा- ‘शांति और कानून एक दूसरे के पूरक है’

सीजेआई सूर्यकांत ने कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस 2026 का उद्घाटन करते हुए कहा कि कानून का शासन और शांति एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं.

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सीजेआई सूर्यकांत ने जयपुर में आयोजित कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस 2026 का शुभारंभ करते हुए कहा कि कानून का शासन और शांति एक दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक है. उन्होंने कहा कि असली न्याय केवल अदालत के फैसलों से नहीं, बल्कि ऐसे समाधान से मिलता है, जिसके बाद भी लोग सम्मानपूर्वक साथ रह सकें.

अपने संबोधन में दौरान सीजेआई ने अपने बचपन के एक अनुभव को साझा करते हुए बताया कि हरियाणा के उनके गांव में छोटे-छोटे विवाद अदालतों में नहीं, बल्कि पंचायत के माध्यम से आपसी बातचीत से सुलझाए जाते थे. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यही मध्यस्थता की वास्तविक भावना है, जहां समझौते के बाद भी रिश्ते कायम रहते हैं.

हर विवाद का समाधान संवाद, समझ और संतुलन में- सीजेआई

उन्होंने कहा कि सम्मेलन के दौरान परिवार, कार्यस्थल, वाणिज्यिक, आपराधिक न्याय, सामुदायिक, पर्यावरण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति निर्माण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में मध्यस्थता की भूमिका पर चर्चा होगी. सीजेआई सूर्यकांत के अनुसार हर विवाद का समाधान सुनने, समझने और दोनों पक्षों के हितों को संतुलित करने की क्षमता पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि मध्यस्थता को मुकदमेबाजी का विकल्प भर न माना जाए. मध्यस्थता एक्ट लागू होने के बाद इसे न्याय व्यवस्था में समान महत्व मिला है. सीजेआई ने कहा कि अदालतें अंतिम निर्णय देती है, जबकि मध्यस्थता पक्षों को आपसी सहमति से समाधान निकलने का अवसर देता है. दोनों व्यवस्थाएं एक दूसरे को मजबूत करती हैं.

उन्होंने ऑनलाइन डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन का स्वागत किया, लेकिन आगाह किया कि मध्यस्थता पूरी तरह एआई पर आधारित नही होना चाहिए. उनका कहना था कि इंसानी संवेदनाएं, सहानुभूति और संवाद की जगह तकनीक नहीं ले सकती, इसलिए ऑनलाइन मध्यस्थता प्रशिक्षित मध्यस्थों की निगरानी में ही होना चाहिए.

सीजेआई सूर्यकांत ने उम्मीद जताई है कि सम्मेलन में अंत में प्रस्तावित ‘जयपुर घोषणा पत्र’ केवल औपचारिक दस्तावेज बनकर न रह जाए, बल्कि दुनिया भर के न्यायाधीशों, वकीलों और मध्यस्थों के लिए व्यवहारिक मार्गदर्शक साबित हो.

उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन की सफलता भाषणों से नहीं, बल्कि उन संवादों और सहयोग से आंकी जाएगी, जो भविष्य में न्याय व्यवस्था को अधिक मानवीय और शांतिपूर्ण बनाएंगे. इसके साथ ही सीजेआई सूर्यकांत ने कॉमनवेल्थ पीस मेडिएशन कॉन्फ्रेंस 2026 के औपचारिक उद्धघाटन की घोषणा की.

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-भारत एक्सप्रेस



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