प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे विचार साझा करते हैं जो सीधे दिल को छू जाते हैं और युवाओं में एक नई ऊर्जा भर देते हैं. आज भी उन्होंने अपने ‘सुभाषितम’ ट्वीट के जरिए कुछ ऐसा ही मोटिवेशनल संदेश देश के नाम किया है. इस बार पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि बिना रुके लगातार कोशिश करना और अपनी कला या काम को साधना ही इंसान की असली प्रतिभा को दुनिया के सामने लाता है.
PM Modi का पोस्ट
अपनी बात को और मजबूती देते हुए प्रधानमंत्री ने गीता के एक प्राचीन श्लोक का भी जिक्र किया “न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते . तत्स्वयं योगसंसिद्ध: कालेनात्मनि विन्दति ॥”
इसका सीधा और सरल मतलब यही है कि इस दुनिया में ज्ञान से बढ़कर कुछ भी पवित्र नहीं है. जो इंसान पूरी निष्ठा और योग यानी साधना में डूबा रहता है, वह खुद ही सही समय आने पर अपने अंदर के उस ज्ञान और ऊर्जा को महसूस कर लेता है.
निरंतर प्रयास और साधना से हमारी प्रतिभा और निखरती है। आज हमारे युवा इन्हीं गुणों को आत्मसात कर दुनियाभर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते ।
तत्स्वयं योगसंसिद्ध: कालेनात्मनि विन्दति ॥ pic.twitter.com/GNc2YZOBWl
— Narendra Modi (@narendramodi) August 4, 2026
युवाओं के दम पर चमक रहा भारत
आज के समय में हमारे देश के युवा जिस लगन और मेहनत के साथ आगे बढ़ रहे हैं वह वाकई काबिले तारीफ है. पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में इसी बात का जिक्र किया है कि आज के युवा इन गुणों को पूरी तरह अपना रहे हैं और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर दुनियाभर में भारत का नाम ऊंचा कर रहे हैं. चाहे पढ़ाई का मैदान हो, खेलकूद हो या स्टार्टअप की दुनिया, हमारे देश का युवा हर जगह अपनी एक अलग छाप छोड़ रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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