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‘कवन कसूर’ का भव्य प्रीमियर: CMD उपेन्द्र राय बोले- फिल्में केवल सिनेमा नहीं, समाज की सॉफ्ट पावर हैं, भोजपुरी सबसे मधुर भाषा

भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय ने गाजीपुर में आयोजित भोजपुरी फिल्म ‘कवन कसूर’ के भव्य प्रीमियर में शिरकत की. अपने संबोधन में उन्‍होंने सिनेमा को समाज की सबसे बड़ी ‘सॉफ्ट पावर’ बताया. उनके प्रेरक विचार यहां जानिए –

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फिल्म 'कवन कसूर' के प्रीमियर में भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय और ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्‍याम राय एवं अभिनेता-अभिनेत्री.

KAWAN KASOOR MOVIE PREMIERE: गाजीपुर के ग्रैंड पैलेस होटल में आज भोजपुरी फिल्म ‘कवन कसूर’ का भव्य प्रीमियर आयोजित किया गया. इस खास मौके पर भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के चेयरमैन, मैनेजिंग डायरेक्‍टर (CMD) एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. ‘कवन कसूर’ का लेखन भारत एक्सप्रेस के ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्‍याम राय ने ही किया है.

फिल्म के प्रीमियर के अवसर पर उपस्थित जनसमूह और कलाकारों को संबोधित करते हुए CMD उपेन्द्र राय ने सिनेमा के वैश्विक प्रभाव, भाषा की गरिमा, भारतीय प्रतिभा और समाज में सांस्कृतिक माध्यमों की भूमिका पर विचार रखे. उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘कवन कसूर’ महज एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह भोजपुरी सिनेमा की पारंपरिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का एक दूरगामी प्रयास है.


हॉलीवुड और अमेरिका का उदाहरण: फिल्मों से बनती है पहचान

अपने संबोधन में CMD उपेन्द्र राय ने दुनिया में फिल्मों के प्रभाव को अमेरिका के ऐतिहासिक घटनाक्रमों से जोड़कर समझाया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपनी सैन्य व वैज्ञानिक शक्ति के साथ-साथ सिनेमा यानी ‘हॉलीवुड’ के माध्यम से दुनिया भर में अपनी अमिट छाप छोड़ी.

CMD उपेन्द्र राय ने कहा-

“किसी भी राष्ट्र, देश या समाज में फिल्मों के जरिए जो ‘सॉफ्ट पावर’ पैदा होता है, उसका कोई मुकाबला नहीं है. अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपनी बात पूरी दुनिया के सामने रखने और अपनी संस्कृति व श्रेष्ठता को स्थापित करने के लिए सिनेमा को सबसे बड़ा हथियार बनाया. हॉलीवुड ने वहां के इकोसिस्टम और प्रतिभा को दुनिया भर के मस्तिष्क में स्थापित किया.”

उन्होंने आगे कहा कि भारत में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब देश की रक्षा संरचनाओं और राष्ट्रीय क्षमताओं को सिनेमा व डिजिटल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शित करने की सकारात्मक पहल शुरू हुई है. जब हम अपनी शक्ति और संस्कृति को फिल्मों के जरिए प्रस्तुत करते हैं, तो वह सीधे जनमानस के दिलो-दिमाग पर अंकित हो जाती है.

‘भोजपुरी सबसे मधुर और आत्मा को टटोलने वाली भाषा’

भोजपुरी भाषा और क्षेत्रीय पहचान पर विचार रखते हुए उपेन्द्र राय ने कहा कि भोजपुरी दुनिया की सबसे मधुर और आत्मा को टटोलने वाली भाषाओं में से एक है. उन्होंने अपने शुरुआती दिनों का संस्मरण साझा करते हुए कहा कि जब वे 1995 में अपना गांव (गाजीपुर का शेरपुर) छोड़कर पहली बार लखनऊ गए थे, तो कुछ लोग क्षेत्रीय टोन के आधार पर अलग दृष्टि से देखते थे.

CMD उपेन्द्र राय ने जोर देकर कहा:

“मैंने अपने जीवन में कभी भाषा को लेकर कोई हीन भावना नहीं आने दी. भाषा केवल संवाद का साधन है, उससे किसी की प्रतिभा या कुलीनता तय नहीं होती. असली योग्यता गणित, विज्ञान, कला और सृजन में होती है.”


उन्होंने महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक साधारण पृष्ठभूमि से उठकर उन्होंने गणितीय सिद्धांतों के क्षेत्र में ऐसा काम किया जिससे दुनिया के शीर्ष विशेषज्ञ आज तक अचंभित हैं. उन्होंने कहा कि रामानुजन जैसे महापुरुषों की अमर गाथाएं भी आज फिल्मों और डिजिटल मीडिया के माध्यम से ही नई पीढ़ियों तक पहुंच रही हैं. सिनेमा वह माध्यम है जो इतिहास के बोझ से दबाकर रखे गए मन को नया मनोरंजन और मानसिक राहत प्रदान करता है.

§ प्रीमियर की झलकियां §


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‘कवन कसूर’: भोजपुरी सिनेमा को नई दिशा देने का प्रयास

गाजीपुर में आयोजित इस प्रीमियर के दौरान फिल्म की स्टार कास्ट और मेकर्स का स्वागत किया गया. फिल्म ‘कवन कसूर’ का निर्माण भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क, बनारस टॉकीज और जयंत मीडिया के संयुक्त बैनर तले किया गया है. फिल्म में राज सिंह, गुंजन पंत, सोनालिका, सुशील सिंह और ललितेश झा जैसे नामचीन कलाकारों ने अपनी बेहतरीन अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया है.

समारोह में उपस्थित दर्शकों ने फिल्म के सामाजिक संदेश, विषय-वस्तु और तकनीकी गुणवत्ता की जमकर सराहना की. उपस्थित विशेषज्ञों का मानना है कि यह फिल्म भोजपुरी सिनेमा पर लगने वाले फूहड़ता के आरोपों को खारिज करते हुए एक साफ-सुथरे और पारिवारिक मनोरंजन का नया कीर्तिमान स्थापित करेगी.

राधेश्याम राय: पत्रकारिता से लेकर रूपहले पर्दे तक बहुआयामी सफर

संबोधन के दौरान CMD उपेन्द्र राय ने फिल्म के लेखक एवं निर्देशक राधेश्याम राय की सृजनशीलता की मुक्तकंठ से प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि वे राधेश्याम राय को मूल रूप से कल्पनाशीलता, साहित्य और फिल्मों की दुनिया का ही व्यक्ति मानते हैं, जो पत्रकारिता के व्यस्त माहौल में भी इतनी अद्भुत रचनात्मकता बनाए रखते हैं.

प्रतिष्ठित न्यूज नेटवर्क ‘भारत एक्सप्रेस’ (Bharat Express) का नाम भी राधेश्याम राय ने ही सुझाया था. वे भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क में ग्रुप मैनेजिंग एडिटर हैं. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर-बलिया क्षेत्र की साहित्यिक मिट्टी से जुड़े राधेश्याम राय का मीडिया और लेखन जगत में दशकों का अनुभव रहा है.

पत्रकारिता के क्षेत्र में निष्पक्ष और धारदार रिपोर्टिंग के लिए जाने जाने वाले राधेश्याम जी का रुझान हमेशा से कला, साहित्य और सिनेमा के प्रति गहरा रहा है. वे पत्रकारिता के साथ-साथ फिल्मी दुनिया और पटकथा लेखन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं.

‘कवन कसूर’ के माध्यम से उन्होंने भोजपुरी सिनेमा को एक स्वस्थ और सामाजिक दिशा देने का बीड़ा उठाया है. प्रीमियर के मौके पर राधेश्याम राय ने संकल्प दोहराया कि क्षेत्रीय भाषाओं में मूल्य आधारित और गुणवत्तापूर्ण फिल्मों के निर्माण की यह मुहिम आगे भी निरंतर जारी रहेगी.

यह भी पढ़िए: गाजीपुर में हुआ फिल्म ‘कवन कसूर’ का प्रीमियर, सुनिए CMD उपेंद्र राय ने क्या कहा?



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