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Radheshyam Rai

दिल्ली में भारत एक्सप्रेस के 'बज्म-ए-सहाफ़त' कॉन्क्लेव में ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्याम राय ने भाषा की साझी विरासत, उर्दू पत्रकारिता के इतिहास और भाषाई शुद्धिकरण पर विचार रखे. गंगा-जमुनी तहजीब की साझी संस्कृति और पत्रकारिता के दायित्वों पर केंद्रित उनका संबोधन साहित्यिक मिठास और वैचारिक परिपक्वता से ओत-प्रोत रहा.

Bhojpuri Film Kawan Kasoor: भोजपुरी फिल्म ‘कवन कसूर’ ने अश्लीलता के आरोपों से जूझते सिनेमा को नई दिशा दी है. अभिनेत्री सोनालिका प्रसाद ने भारत एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि यह फिल्म पारिवारिक कहानी और बड़े स्तर की रिलीज के जरिए इंडस्ट्री में बदलाव की शुरुआत है.

भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय ने गाजीपुर में आयोजित भोजपुरी फिल्म 'कवन कसूर' के भव्य प्रीमियर में शिरकत की. अपने संबोधन में उन्‍होंने सिनेमा को समाज की सबसे बड़ी 'सॉफ्ट पावर' बताया. उनके प्रेरक विचार यहां जानिए -

Radheshyam Rai DME Event: दिल्ली मेट्रोपॉलिटन एजुकेशन (DME) के मीडिया स्कूल के नेल्सन मंडेला ऑडिटोरियम में आयोजित इंटरनेशनल मीडिया कॉन्फ्रेंस में भारत एक्सप्रेस के ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्याम राय ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की.

Republic Day Celebration at Bharat Express: भारत एक्सप्रेस के प्रांगण में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया. प्रोफेसर डॉक्टर रचना ने ध्वजारोहण किया और ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्याम राय ने CMD उपेन्द्र राय का संदेश साझा किया.

भारत एक्सप्रेस के चेयरमैन, CMD और एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय ने भारत एक्सप्रेस समूह की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए सफलता के लिए कठिन परिश्रम और जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया.

देहरादून में भारत एक्सप्रेस की ओर से ‘नये भारत की बात, उत्तराखंड के साथ’ कॉन्क्लेव हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री हरीष रावत के साथ राज्य के मंत्री-गण शामिल हुए. देखिए झलकियां-

भारत एक्सप्रेस के कॉन्‍क्‍लेव ‘काशी का कायाकल्‍प’ का आयोजन बनारस कैंट स्थित होटल रमाडा में आयोजित किया गया. यहां पर देखिए आयोजन में जुटे भारत एक्सप्रेस परिवार और मुख्य अतिथियों की तस्वीरें.

भारत एक्सप्रेस के ग्रुप मैनेजिंग एडिटर राधेश्‍याम राय ने ‘काशी का कायाकल्‍प’ कॉन्‍क्‍लेव में आए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह काशी नगरी परीक्षा लेती रही है और जो इसमें पास हुआ, उसी को इसने आगे बढ़ाया और अपनाया.

कैलाश विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में कहा,"आप सभी से मैं दो बातें कहना चाहता हूं कि आपकी कलम चले तो इस बात का ध्यान रखना कि मेरी कलम से समाज को कितना फायदा है और देश को कितना फायदा है."