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परिसीमन बिल पर सरकार का वापस दांव! 17 अगस्त से संसद में मचेगा गदर, जानें क्या है पूरा प्लान?

केंद्र सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयकों पर आगे बढ़ने के लिए 17 अगस्त से तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक सरकार दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष से भी सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं.

Edited by Sahil Singh

Parliament Special Session 2026: देश की राजनीति में एक बार फिर बहुत बड़ा भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं. केंद्र की मोदी सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े ऐतिहासिक संविधान संशोधन विधेयकों को पारित कराने के लिए बेहद कड़क एक्शन मोड में आ गई है.

सूत्रों के मुताबिक, 13 अगस्त को संसद का मानसून सत्र समाप्त होने के ठीक बाद सरकार सत्र का औपचारिक सत्रावसान नहीं करेगी बल्कि 17 अगस्त से 3 दिनों का विशेष सत्र बुलाने की रणनीति पर काम कर रही है. सरकार का पूरा फोकस इन दूरगामी प्रभाव वाले विधेयकों को पारित कराने के लिए दोनों सदनों में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा जुटाने पर टिका हुआ है.

50% बढ़ेंगी लोकसभा-विधानसभा सीटें(Parliament Special Session 2026)

प्रस्तावित संविधान संशोधन विधेयक के जो प्रावधान छनकर बाहर आ रहे हैं, वे देश के सियासी नक्शे को पूरी तरह बदल सकते हैं. सूत्रों की मानें तो इस संशोधन में देश भर में लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत की सीधी वृद्धि करने का बड़ा प्रावधान है.

इसके अलावा, सबसे अहम बात यह है कि आगामी 2029 के अगले लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था को सीधे लागू करने की तैयारी है. सीटों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी का स्पष्ट फॉर्मूला सामने आने के बाद कई क्षेत्रीय दलों का समर्थन भी सरकार के पाले में आने की संभावना जताई जा रही है.

किरेन रिजिजू ने राहुल-प्रियंका से की 50 मिनट गुप्त बैठक

संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने और इस महत्वपूर्ण बिल पर सहमति बनाने के लिए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से करीब 50 मिनट तक बंद कमरे में मुलाकात की. इस अहम बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं.

रिजिजू ने परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस से समर्थन की मांग की, हालांकि राहुल गांधी ने दो टूक कह दिया कि चंदा चोरी और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर जब तक गृह मंत्री अमित शाह सदन में बयान नहीं देते, तब तक सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से चलाना मुमकिन नहीं होगा.

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15 अगस्त के बाद आर-पार की तैयारी

संविधान संशोधन बिल को पास कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई सदस्यों की मंजूरी अनिवार्य होती है. राजनीतिक समीकरणों में आए हालिया बदलावों के बाद सरकार लगातार अन्य दलों से संपर्क साध रही है. सरकार के पास फिलहाल दो रास्ते खुले हैं-पहला रास्ता यह कि विपक्ष से बातचीत कर मानसून सत्र के आखिरी हफ्ते में ही बिल पेश कर दिया जाए, या फिर 15 अगस्त के अवकाश के तुरंत बाद 17 अगस्त से 3 दिन का विशेष सत्र चलाकर इस मास्टरस्ट्रोक को अमलीजामा पहनाया जाए.

-भारत एक्सप्रेस



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