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Parliament Special Session

केंद्र सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयकों पर आगे बढ़ने के लिए 17 अगस्त से तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है. सूत्रों के मुताबिक सरकार दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष से भी सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं.

पहलगाम (Pahalgam) में 22 अप्रैल को आतंकियों ने सैलानियों पर हमला बोला था. आतंकियों ने इस दौरान लोगों से उनका धर्म पूछ कर उन्हें गोली मारी थी.

Women Reservation Bill: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के बाद पीएम मोदी ने महिला सांसदों से मुलाकात की.

Women Reservation Bill: सभापति जगदीप धनखड़ ने इसे ऐतिहासिक विजय बताया. इसके पहले, बुधवार को लोकसभा में भी यह बिल पारित हो गया था. 

JP Nadda: नड्डा ने आगे कहा कि, ‘‘आखिर हमें महिलाओं को आरक्षण मुहैया कराना है. किस सीट पर उन्हें आरक्षण मिले, किस सीट पर ना मिले, इसका फैसला कौन करेगा? इसका फैसला सरकार नहीं कर सकती है.

देश की राजनीति में महिलाओं की स्थिति दिन-ब-दिन मजबूत होती जा रही है. संसद-विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला आरक्षण विधेयक संसद में पेश हो चुका है. अगर ये विधेयक कानून बन जाता है तो देश की राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी 33 फीसदी हो जाएगी.

करीब तीन दशकों की अटकलों और कलह के बाद महिला आरक्षण बिल यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम आज नए संसद भवन में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया. जिसे ध्वनिमत के जरिए लोकसभा से पास किया गया.

UN women की एक रिपोर्ट में 1 जनवरी 2023 तक का डेटा शेयर किया गया है. इसके मुताबिक 17 देशों में महिलाएं हेड ऑफ द स्टेट और 19 देशों में हेड ऑफ द गवर्नमेंट हैं. अगर जेंडर इक्वेलिटी के लिहाज से देखें तो महिलाओं को पुरुषों की बराबरी करने में अभी 130 साल और लगेंगे.

संसद के विशेष सत्र के बीच सबकी नजरें महिला आरक्षण बिल पर टिकी हैं...इस मुद्दे पर आखिरी बार कुछ सार्थक कदम 2010 में उठाया गया था, जब राज्यसभा ने हंगामे के बीच बिल पास कर दिया था और मार्शलों ने कुछ सांसदों को बाहर कर दिया था.

संसद के विशोष सत्र के दूसरे दिन नए संसद भवन में कार्यवाही शुरू हो गई है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पर बड़ा फैसला लिया है.