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सुबह-सुबह भारत में थर्राई धरती…लेह लद्दाख में आया 5.5 तीव्रता का भूकंप, मची अफरातफरी

लेह-लद्दाख में गुरुवार सुबह 6:05 बजे 5.5 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. NCS के मुताबिक भूकंप का केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था, फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है.

Leh Ladakh Earthquake: देश के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह इलाके में गुरुवार तड़के उस वक्त हड़कंप मच गया जब भूकंप के तेज और खतरनाक झटकों से पूरी धरती थर्रा उठी. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, सुबह ठीक 6:05 बजे आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 मापी गई, जिसका केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में था. जिस वक्त यह झटका महसूस हुआ, उस समय ज्यादातर लोग सोकर उठ ही रहे थे.

जिसके चलते अचानक घर और छत हिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने बच्चों व परिजनों को लेकर तुरंत खुले मैदानों और सड़कों की तरफ भाग खड़े हुए. राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इतनी तेज तीव्रता के बावजूद फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की खबर नहीं है.

महाराष्ट्र के पालघर में भी कांपी थी धरती

ज्ञात रहे लेह-लद्दाख से पहले महाराष्ट्र के पालघर जिले में भी सोमवार रात को भूकंप के दो झटकों ने लोगों की नींद उड़ा दी थी. पालघर में रात 10:04 बजे और फिर उसके ठीक 56 मिनट बाद यानी रात 11:00 बजे 3.4 की तीव्रता के दो लगातार झटके महसूस किए गए.

बता दें एक ही घंटे के भीतर दो बार जमीन हिलने से सहमे लोग रात के वक्त घरों से बाहर निकल आए थे. गनीमत रही कि कुछ देर बाद स्थिति सामान्य हो गई और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या मकान ढहने की खबर नहीं आई.

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क्यों आता है भूकंप?

वैज्ञानिक विश्लेषणों के अनुसार, हमारी पृथ्वी की ऊपरी सतह मुख्य रूप से 7 बड़ी और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है, जो अंदर मौजूद तरल लावे पर बेहद धीमी गति से तैरती रहती हैं. जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या खिसकती हैं, तो चट्टानों के टूटने से भारी ऊर्जा तरंगों के रूप में बाहर निकलती है, जिसे हम भूकंप कहते हैं.

सिस्मोलॉजी के जानकारों के मुताबिक, 5.0 से 5.9 तीव्रता का भूकंप बेहद खतरनाक माना जाता है, जिसमें कच्चे मकान गिर सकते हैं और दीवारों में दरारें आ सकती हैं. वहीं 7.0 से अधिक तीव्रता का भूकंप भारी तबाही और तबाही ला सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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