UP NEWS: उत्तर प्रदेश के बाजारों में नकली और मिलावटी पनीर की सप्लाई पर लगाम कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर में बड़े पैमाने पर छापेमारी की है. इस दौरान जो खुलासे हुए हैं, वे किसी के भी होश उड़ाने के लिए काफी हैं.
केमिकल और पामोलिन ऑयल से बन रहा था ‘जहर’
खाद्य सुरक्षा विभाग की 24 विशेष टीमों ने तीनों जिलों में कुल 25 विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) इकाइयों पर औचक निरीक्षण किया. जांच के दौरान पाया गया कि पनीर बनाने के लिए दूध की जगह औद्योगिक रसायनों (इंडस्ट्रियल केमिकल्स), पामोलिन ऑयल और रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था. इसके अलावा कई फैक्ट्रियों में बेहद गंदगी और अस्वास्थ्यकर माहौल में खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे थे.
7,686 किलो मिलावटी सामान नष्ट
छापेमारी के दौरान विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 10 लाख रुपये मूल्य का 7,686 किलोग्राम अमानक और खतरनाक खाद्य सामान मौके पर ही नष्ट करवा दिया. इसके अलावा 2,131 किलो खाद्य सामग्री और अपमिश्रक (मिलावटी सामान) जब्त किए गए हैं.
इस पूरी कार्रवाई में कुल 6 FIR दर्ज की गई हैं:
- गाजियाबाद: 3 मामलों में एफआईआर दर्ज.
- मथुरा: 2 मामलों में केस दर्ज.
- सरकारी काम में बाधा: अधिकारियों को जांच से रोकने के आरोप में 1 अलग मामला दर्ज किया गया.
72 सैंपलों की जांच रिपोर्ट का इंतजार
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा टीमों ने कुल 72 सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजे हैं. अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आते ही मानकों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कानूनी शिकंजा और कसा जाएगा.
पनीर और दूध जैसे प्रोडक्ट हर घर के रोजमर्रा के खानपान का अहम हिस्सा हैं. ऐसे में इंडस्ट्रियल केमिकल और घटिया तेल से बना पनीर लोगों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ है. खाद्य विभाग ने साफ किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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