Delhi HC
दिल्ली हाई कोर्ट ने शिरडी साई बाबा के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक, भड़काऊ कंटेंट हटाने की नई शिकायतों पर विचार करने का निर्देश दिया है. जस्टिस स्वर्णकांता की सिंगल बेंच ने शिरडी के श्री साईंबाबा संस्थान ट्रस्ट की ओर से दायर एक नई अर्जी पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
साई बाबा के प्रति भड़काऊ कंटेंट
ट्रस्ट द्वारा दायर नई अर्जी में कुछ और इंटरनेट लिंक और डिजिटल कंटेंट को हटाने की मांग की है. ट्रस्ट का आरोप है कि इन लिंक पर मौजूद सामग्री शिरडी साई बाबा के प्रति अपमानजनक है और इसमें भड़काऊ तथा सांप्रदायिक रूप से उकसाने वाला कंटेंट भी शामिल है. यह नई अर्जी उस मुख्य याचिका के सिलसिले में दायर की गई है.
दायर याचिका में ट्रस्ट ने शिरडी साई बाबा के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री को विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की थी. ट्रस्ट के कहना है कि ऐसे वीडियो और ऑनलाइन प्रकाशन धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं और समाज में तनाव पैदा करने की आशंका है.
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय समिति, यानी ग्रीवांस अपीलेट कमेटी (GAC), मामले में पहले कार्रवाई कर चुकी है. उन्होंने यह बताया कि GAC ने 13 अगस्त को एक आदेश पारित किया था, जिसमें संबंधित वीडियों और ऑनलाइन लेखों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं.
यूट्यूब चैनलों पर साई बाबा पर अपत्तिजनक सामग्री
पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि इस मामले पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है. ट्रस्ट के मुताबिक मार्च से कई यूट्यूब चैनलों ने साई बाबा को लेकर आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित करनी शुरू की याचिका में दावा किया गया है कि कुछ वीडियो में साई बाबा को चांद मियां, जिहादी, ब्रिटिश जासूस, हत्यारा, डकैत और धर्म परिवर्तन कराने वाला तक बताया गया है.
कोर्ट ने ट्रस्ट की शिकायतों पर केंद्र सरकार की शिकायत अपीलीय समिति को फैसला लेने और उचित आदेश पारित करने का निर्देश दिया था. इसके बाद ट्रस्ट ने नई अर्जी दाखिल कर नए लिंक और कथित रूप से आपत्तिजनक डिजिटल कंटेंट को भी हटाने की मांग की.
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-भारत एक्सप्रेस
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