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मंदाकिनी के बाद सोन नदी उफान पर, बाणसागर के 6 गेट खुले, 64 गांवों पर बाढ़ का खतरा

Flood Alert: भारी बारिश के बीच चित्रकूट में मंदाकिनी और सीधी-सिंगरौली में सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. बाणसागर के 6 गेट खुलने के बाद कई गांव प्रभावित हैं, जबकि MP से UP-बिहार तक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.

Flood Alert bharat express

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Flood Alert: मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है. चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, तो वहीं शहडोल जिले में स्थित बाणसागर बांध के 6 गेट खोले जाने के बाद सोन नदी भी उफान पर है. सीधी और सिंगरौली के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं. इसका असर मध्य प्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक दिखाई दे रहा है. एक तरफ चित्रकूट में लोग पिछली बाढ़ की तबाही से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि मंदाकिनी ने दोबारा रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. दूसरी तरफ बाणसागर से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. नदी किनारे बसे गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है और प्रशासन ने भी अलर्ट जारी करते हुए निगरानी बढ़ा दी है.

चित्रकूट में फिर बढ़ा मंदाकिनी का जलस्तर

चित्रकूट में लगातार बारिश के बीच मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. रामघाट की सड़कों तक पानी पहुंच चुका है, जबकि आरोग्यधाम का पुल भी पानी में डूब गया है. नदी का बढ़ता जलस्तर देखकर नदी किनारे रहने वाले लोगों में एक बार फिर बाढ़ का डर दिखाई देने लगा है. बीते दिनों आई भीषण बाढ़ ने चित्रकूट में भारी तबाही मचाई थी. सैकड़ों घर प्रभावित हुए थे, कई परिवारों के आशियाने उजड़ गए थे और बड़ी संख्या में लोगों को सड़क या सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी थी. इसी बाढ़ के दौरान बिहार से तीर्थ दर्शन के लिए चित्रकूट आए दो लोगों की जान भी चली गई थी. ऐसे में मंदाकिनी का दोबारा उफान पर आना स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा रहा है.

रामघाट की सड़कें डूबीं, सफाई में जुटा प्रशासन

मंदाकिनी का पानी बढ़ने के साथ ही प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है. प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है और राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. पिछली बाढ़ के बाद सड़कों पर जमा मिट्टी, मलबे और गंदगी को हटाने का काम अभी भी जारी है. फायर ब्रिगेड की मदद से सड़कों की सफाई कराकर आवागमन सामान्य करने की कोशिश की जा रही है. हालांकि नदी का जलस्तर जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसने प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है.

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बाणसागर के 6 गेट खुले, सोन नदी में बढ़ा खतरा

अब बात मध्य प्रदेश के सीधी और सिंगरौली की, जहां बाणसागर बांध के गेट खुलने के बाद सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में हो रही भारी बारिश के कारण पहले ही जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं. ऐसे में बाणसागर से छोड़े जा रहे पानी ने हालात को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है. सीधी जिले में सोन नदी से सैकड़ों गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं. वहीं सिंगरौली जिले के चितरंगी और गढ़वा थाना क्षेत्रों के करीब 64 गांवों में भी बाढ़ का असर पहुंचा है. नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

MP से UP-बिहार तक असर, पुलिस और SDRF तैनात

सोन नदी का बढ़ता जलस्तर सिर्फ सीधी और सिंगरौली तक सीमित नहीं है. जानकारों के मुताबिक बाणसागर से छोड़े गए पानी का असर आगे उत्तर प्रदेश और बिहार तक पड़ सकता है. सोन नदी के किनारे बसे इलाकों में प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. सिंगरौली में मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश बॉर्डर तक पुलिस की तैनाती की गई है. प्रभावित इलाकों में लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और ग्रामीणों को नदी से दूर रहने की हिदायत दी जा रही है. नदी में नहाने और मवेशियों को पानी के पास ले जाने पर भी रोक लगाई गई है. चितरंगी इलाके के एसडीओपी ललित बैरागी पुलिस टीम के साथ लगातार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं. पुलिस के साथ SDRF और होमगार्ड के जवान भी मोर्चे पर डटे हुए हैं. कई इलाकों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को बढ़ते जलस्तर के बारे में जानकारी दी जा रही है.

दो नदियां उफान पर, प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

चित्रकूट में मंदाकिनी और सीधी-सिंगरौली में सोन नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है. एक ओर पुराने जख्म अभी भरे नहीं हैं, तो दूसरी ओर नदियों का बढ़ता पानी नए खतरे का संकेत दे रहा है. फिलहाल प्रशासन की नजर जलस्तर पर बनी हुई है. राहत और बचाव टीमों को अलर्ट रखा गया है और प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है. आने वाले घंटों में बारिश और बांध से छोड़े जाने वाले पानी की स्थिति यह तय करेगी कि हालात कितने गंभीर होते हैं.

फिलहाल तस्वीरें साफ हैं—मंदाकिनी हो या सोन, दोनों नदियों का बढ़ता जलस्तर लोगों की चिंता बढ़ा रहा है और प्रशासन के सामने चुनौती लगातार बड़ी होती जा रही है.



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