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परिवार पालने 105 KM दूर गया था पिता, घर पर पत्नी और 3 बच्चे कर रहे थे इंतजार; सरकारी बस ने उजाड़ दिया पूरा परिवार

Nawada Government Bus Accident: बिहार के नवादा में तेज रफ्तार सरकारी बस की टक्कर से बेगूसराय निवासी 40 वर्षीय मजदूर मुरारी पासवान की मौके पर मौत हो गई. परिवार पालने के लिए वह 105 किलोमीटर दूर मजदूरी करते थे. हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया.

Nawada Government Bus Accident

Nawada Government Bus Accident

Nawada Government Bus Accident: बिहार के नवादा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं. मुफस्सिल थाना क्षेत्र में नहर के पास तेज रफ्तार सरकारी बस ने मजदूर मुरारी पासवान को जोरदार टक्कर मार दी. हादसा इतना भीषण था कि करीब 40 वर्षीय मुरारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. वह अपने परिवार का पेट पालने के लिए बेगूसराय से करीब 105 किलोमीटर दूर नवादा में मजदूरी करते थे. उनकी मौत के बाद पत्नी, दो बेटों और एक बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया.

पीछे से सरकारी बस ने मारी जोरदार टक्कर

जानकारी के मुताबिक, मृतक मुरारी पासवान बेगूसराय जिले के रहने वाले थे. वह नवादा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में नहर के पास स्थित एक बोरा फैक्ट्री में प्राइवेट काम करते थे. परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उठाने के लिए वह घर से दूर रहकर मेहनत-मजदूरी कर रहे थे. रविवार को वह भदौखर से फैक्ट्री की ओर जा रहे थे. इसी दौरान पटना की तरफ जा रही तेज रफ्तार सरकारी बस ने उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मुरारी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. हादसे के बाद बस वहां से चली गई.

सड़क जाम कर लोगों ने जताया विरोध

हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई. आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई. सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम हटवाया. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. हादसे की जानकारी मृतक के परिजनों को भी दी गई.

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मुरारी पासवान अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे. उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और एक बेटी हैं. बच्चों की परवरिश और घर का खर्च चलाने के लिए वह अपना गांव छोड़कर दूसरे जिले में मजदूरी कर रहे थे. उनकी अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठने के साथ ही परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है.

पुलिस कर रही सरकारी बस की तलाश

मामले में मुफस्सिल थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद सरकारी बस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. हादसे के बाद बस के वहां से चले जाने को लेकर भी जांच की जा रही है.

भारत एक्सप्रेस



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