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‘पहले राहत, अब पहले तैयारी’, गृह मंत्री अमित शाह बोले- मोदी सरकार में बदला देश का आपदा प्रबंधन मॉडल

Amit Shah Disaster Management: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के आपदा प्रबंधन सिस्टम में बड़ा बदलाव आया है. अब सरकार का फोकस सिर्फ राहत और बचाव पर नहीं, बल्कि आपदा से पहले तैयारी, जोखिम कम करने और ‘जीरो कैजुअल्टी’ के लक्ष्य पर है.

Amit Shah

Amit Shah Disaster Management: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश के आपदा प्रबंधन के तरीके में बड़ा बदलाव आया है. अब सरकार का फोकस सिर्फ आपदा आने के बाद राहत और बचाव तक सीमित नहीं है, बल्कि आपदा से पहले उसकी तैयारी, जोखिम कम करने और लोगों की जान बचाने पर भी उतना ही जोर दिया जा रहा है.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट (एनआईडीएम) की गवर्निंग बॉडी की तीसरी बैठक की अध्यक्षता करते हुए अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के पूरे डिजास्टर मैनेजमेंट सिस्टम को नए तरीके से तैयार किया है. सरकार ने ‘जीरो कैजुअल्टी’ यानी आपदाओं में जनहानि को न्यूनतम करने का लक्ष्य रखा है और देश इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है.

राहत से आगे बढ़ी सोच

अमित शाह ने कहा कि पहले आपदाओं को मुख्य रूप से राहत और पुनर्वास के नजरिए से देखा जाता था. अब स्थिति बदल गई है. जोखिम कम करने, शुरुआती चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने और जनहानि रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कई आपदाओं के दौरान ‘जीरो कैजुअल्टी’ के लक्ष्य के साथ सफलतापूर्वक काम किया गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है.

गृह मंत्री ने आपदा प्रबंधन में ‘होल ऑफ गवर्नमेंट’ यानी सरकार के सभी विभागों के मिलकर काम करने की जरूरत पर भी जोर दिया. उनके मुताबिक, आपदा के समय अलग-अलग विभागों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. नई रिसर्च और आधुनिक तकनीक की मदद से इस व्यवस्था को और तेज और प्रभावी बनाया जाना चाहिए.

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

अमित शाह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भी आपदा के जोखिम को कम करने का महत्वपूर्ण माध्यम है. पर्यावरण की सुरक्षा, बेहतर तैयारी और मजबूत आपदा प्रबंधन के जरिए भारत दुनिया के सामने एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर सकता है.

उन्होंने एनआईडीएम के पुराने स्वरूप का जिक्र करते हुए बताया कि इसका पूर्ववर्ती संस्थान नेशनल सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट कभी कृषि भवन के एक हिस्से में लगभग निष्क्रिय था. वर्ष 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसे नई दिशा देने का फैसला किया. इसके बाद संस्थान को गृह मंत्रालय के अधीन लाया गया, ताकि आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सके.

-भारत एक्सप्रेस



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