नीम करौली बाबा के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित 100 करोड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘हनुमान अंश’ की अभूतपूर्व सफलता के बाद युवा फिल्म निर्माता अनुप्रिया नागर के सम्मान का सिलसिला लगातार जारी है. रविवार को गाजियाबाद के संजय नगर स्थित प्रतिष्ठित यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अनुप्रिया नागर के सम्मान में एक गरिमामय कार्यक्रम हुआ.
इस अवसर पर यशोदा हॉस्पिटल परिवार ने भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए अनुप्रिया के प्रयासों की जमकर सराहना की. कार्यक्रम के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने एक बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान करते हुए फिल्म ‘हनुमान अंश’ की पूरी टीम को यशोदा हॉस्पिटल की ओर से आजीवन निःशुल्क चिकित्सा सुविधा (लाइफटाइम फ्री मेडिकल केयर) उपलब्ध कराने की घोषणा की.
“डॉक्टर जीवन बचाने के साथ उम्मीद भी देते हैं” — अनुप्रिया नागर
यशोदा परिवार के इस आत्मीय सम्मान और आजीवन मुफ्त इलाज के ऐलान से भावविभोर होकर अनुप्रिया नागर ने कहा:
“मेरी नजर में भगवान और डॉक्टर में कोई अंतर नहीं है. जब इंसान अत्यंत कष्ट और पीड़ा में होता है, तो वह सबसे पहले डॉक्टर को ही याद करता है. डॉक्टर न केवल जीवन बचाते हैं, बल्कि इंसान को जीने की नई उम्मीद भी देते हैं. यशोदा हॉस्पिटल आकर मुझे ऐसा लगा जैसे मैं अपने ही परिवार के बीच आई हूं.”
समारोह के दौरान अस्पताल परिसर में भक्तिमय वातावरण बन गया, जहां उपस्थित महिलाओं और अतिथियों के साथ अनुप्रिया नागर ने बाबा के भजनों पर ताली बजाकर भक्ति भाव भी साझा किया.
“अनुप्रिया ने छोटी उम्र में बहुत बड़ा काम किया”- डॉ. दिनेश अरोड़ा
कार्यक्रम में यशोदा हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. दिनेश अरोड़ा, डॉ. शशि अरोड़ा, डॉ. रजत अरोड़ा और प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. नितेशा मल्होत्रा सहित पूरा अस्पताल परिवार मौजूद रहा.
चेयरमैन डॉ. दिनेश अरोड़ा ने अनुप्रिया को सम्मानित करते हुए कहा:
“अनुप्रिया ने इतनी छोटी उम्र में वह कर दिखाया है जो बड़े-बड़े दिग्गज नहीं कर पाते. उन्होंने हमारी भारतीय संस्कृति, संत परंपरा और सनातन जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी और पूरी दुनिया तक पहुंचाने का पुनीत कार्य किया है. मैं गर्व से उन्हें ‘भारत की बेटी’ कहता हूं.”
“UK टू UK की जर्नी और संतों के आशीर्वाद से बदली तकदीर”
समारोह के दौरान अनुप्रिया नागर ने फिल्म निर्माण के अपने संघर्ष, संतों के सानिध्य और नई पीढ़ी (Gen Z व Gen Alpha) के आध्यात्मिक जुड़ाव पर खुलकर बात की.
यूके टू यूके (UK to UK) का सफर:
अनुप्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा कि लोग उनकी इस यात्रा को ‘यूके टू यूके’ यानी यूनाइटेड किंगडम से उत्तराखंड की यात्रा कहते हैं. उन्होंने कहा, “जब फिल्म रिलीज होने वाली थी, तब हमारे पास बड़े पीआर या प्रमोशन के लिए बजट नहीं था. तब मैंने तय किया कि मैं सीधे संतों के पास जाऊंगी और उनका आशीर्वाद लूंगी.”
संतों का मार्गदर्शन और विश्वास:
अनुप्रिया ने अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा को याद करते हुए बताया:
- पूज्य प्रेमानंद जी महाराज: “सबसे पहले मैं वृंदावन में प्रेमानंद महाराज जी के पास गई थी. उन्होंने मुझे सीख दी थी कि आप एक महापुरुष पर फिल्म बना रही हैं, इसलिए इसे पूरी जिम्मेदारी और सच्चाई के साथ बनाना.”
- आचार्य प्रमोद कृष्णम: “जब फिल्म इंडस्ट्री में इसे रिलीज से पहले ही नकार दिया गया था, तब आचार्य प्रमोद कृष्णम जी ने ढाढ़स बंधाया और विश्वास दिलाया कि बाबा की कृपा से यह फिल्म अवश्य सफल होगी.”
- बागेश्वर धाम (पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री): “कठिन समय में उन्होंने आशीर्वाद देते हुए कहा था कि यह फिल्म बहुत आगे जाएगी क्योंकि आप नई पीढ़ी को अध्यात्म से जोड़ रही हैं.”
स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज व शान्तनु शुक्ला: अनुप्रिया ने निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज का आभार जताते हुए कहा कि उनमें उन्हें साक्षात शिव तत्व नजर आता है. साथ ही उन्होंने स्वामी जी के अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शान्तनु शुक्ला को अपना बड़ा भाई बताते हुए कहा कि वे पूरी यात्रा में एक मजबूत स्तंभ की तरह उनके साथ खड़े रहे.
“जेन-जी वैलिडेशन की अंधी दौड़ छोड़ वर्तमान में जीना सीखे”
आज की युवा पीढ़ी पर बात करते हुए 21 वर्षीय युवा निर्माता ने बेहद परिपक्व विचार रखे. उन्होंने कहा:
“आजकल हमारी जेन-जी (Gen Z) पीढ़ी लगातार बाहरी वैलिडेशन के पीछे भाग रही है— पहले स्कूल के मार्क्स, फिर कॉलेज, फिर करियर. इस अंधी दौड़ में हम यह भूल जाते हैं कि हमें वर्तमान में जीना है और जो हमें मिला है, उसके प्रति कृतज्ञ होना है. मेरा उद्देश्य था कि यह फिल्म युवाओं और बच्चों तक पहुंचे और उनके भीतर एक ठहराव (Calmness) लेकर आए.”
उन्होंने थियेटर का एक संस्मरण साझा करते हुए बताया:
“मैं खुद आम दर्शक बनकर सिनेमाघर गई थी. वहां एक छोटी बच्ची अपने पिता से कह रही थी कि जल्दी चलो, फिल्म का एक मिनट भी नहीं छूटना चाहिए. फिल्म का एक डायलॉग बहुत लोकप्रिय हुआ— ‘हनुमान चालीसा पढ़ते हो, तो काहे को डरते हो?’ उस बच्ची ने अपनी मां से कहा कि मम्मी आप भी तो मुझसे यही कहती थीं! जब परिवार और नई पीढ़ी सनातन संस्कारों को इस तरह आत्मसात करती है, तो वही हमारी सबसे बड़ी जीत है.”
‘हनुमान अंश पार्ट-2’: सीक्वल को लेकर अनुप्रिया ने कहा:
“बाबा नीम करौली महाराज की कृपा रही तो ‘हनुमान अंश’ का पार्ट-2 भी बहुत जल्द दर्शकों के बीच होगा. पहले भाग को मिले अपार प्यार ने हमारी जिम्मेदारी और बढ़ा दी है, इसलिए पूरी टीम के साथ बैठकर बहुत बारीकी से इसकी तैयारी करनी होगी. इसके अलावा जल्द ही श्री कल्कि धाम जाने और वहां के दर्शन करने की भी योजना है.”
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