Urdu Conclave 2026

‘कर्मठ और शूरवीर को कभी नहीं छोड़ती समृद्धि’, पीएम मोदी ने शेयर किया महाभारत का श्लोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाभारत के शांतिपर्व का श्लोक साझा कर एकाग्रता, अनुशासन, वीरता और विद्वता को सफलता का आधार बताया.

PM Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर एक बार फिर प्रेरणादायक ‘सुभाषितम्’ साझा किया है. इस बार पीएम मोदी ने महाभारत के शांतिपर्व के एक प्रसिद्ध श्लोक के जरिए बताया है कि जीवन में एकाग्रता, कर्मठता, वीरता और विद्वता रखने वाले व्यक्ति का साथ समृद्धि कभी नहीं छोड़ती.

पीएम मोदी ने शेयर किया महाभारत का श्लोक

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर श्लोक “अद्वैधमनसं युक्तं शूरं धीरं विपश्चितम्. न श्रीः सन्त्यजते नित्यमादित्यमिव रश्मयः॥” पोस्ट किया. इस श्लोक का अर्थ है कि जिस व्यक्ति का मन दुविधा से मुक्त हो, जो अनुशासित, कर्मठ, शूरवीर, धैर्यवान और विद्वान हो, समृद्धि (लक्ष्मी) उसका साथ कभी नहीं छोड़ती—ठीक वैसे ही जैसे सूर्य का साथ उसकी किरणें कभी नहीं छोड़तीं.

श्लोक का एक-एक शब्द देता है सफलता की सीख

पीएम मोदी द्वारा साझा किए गए श्लोक के हर शब्द में जीवन की बड़ी सीख छिपी है:

अद्वैधमनसं: जिसका मन दुविधा रहित, दृढ़ और एकाग्र हो.

युक्तं: जो संयमी, अनुशासित और अपने काम में समर्पित हो.

शूरं व धीरं: जो वीर हो और संकट में धैर्य न खोए.

विपश्चितम्: जो बुद्धिमान और शास्त्र का ज्ञाता हो.

न श्रीः सन्त्यजते नित्यम् आदित्यमिव रश्मयः: ऐसे गुणी व्यक्ति को समृद्धि ठीक उसी तरह कभी नहीं छोड़ती, जैसे किरणें सूर्य को.

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पहले भी शेयर कर चुके हैं सुशासन के मंत्र

यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी ने सुभाषितम् के माध्यम से देशवासियों को संदेश दिया हो. इससे पहले 11 सितंबर को उन्होंने समाज के हर वर्ग के संरक्षण और नैतिक मूल्यों की रक्षा पर श्लोक शेयर किया था. वहीं 10 जून को भी उन्होंने जनप्रतिनिधियों के लिए विनम्रता, जनसेवा और सुशासन का महत्व बताने वाला संस्कृत श्लोक साझा किया था.

-भारत एक्सप्रेस

 



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