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‘जेल में सड़कर मर रहे हैं इमरान खान, जल्द हो रिहाई!’ पूर्व ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने पाकिस्तान को लगाई लताड़

पूर्व ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने इमरान खान की जेल स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए ब्रिटेन से उनके लिए कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की है.

Boris Johnson

Boris Johnson on Imran Khan: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पाकिस्तान सरकार और वहां की ताकतवर सेना (पाकिस्तानी जनरलों) की बर्बरता का पर्दाफाश करते हुए पूरे विश्व बिरादरी को हिला कर रख दिया है. एक प्रमुख ब्रितानी समाचार पत्र में लिखे अपने एक आक्रामक लेख में जॉनसन ने दावा किया है कि 73 वर्षीय क्रिकेट लेजेंड और पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान को बेहद अमानवीय परिस्थितियों में जेल में घुट-घुट कर मरने के लिए छोड़ दिया गया है.

जॉनसन ने चेतावनी दी है कि यदि हिरासत में इमरान खान की मौत होती है, तो यह पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख पर एक ऐसा “गहरा और स्थायी दाग” होगा जो कभी नहीं मिटेगा. उन्होंने ब्रिटेन की वर्तमान सरकार से अपनी कूटनीतिक ताकत का इस्तेमाल कर इमरान खान को तुरंत रिहा कराने की मांग की है.

जॉनसन का खौफनाक खुलासा(Boris Johnson on Imran Khan)

बोरिस जॉनसन ने इमरान खान की वर्तमान जेल स्थिति का खौफनाक ब्योरा देते हुए लिखा कि उन्हें महज 6/8 फीट की एक छोटी, सीलन भरी और कीड़े-मकोड़ों से भरी कालकोठरी (जिसमें ही शौचालय भी है) में एकांत कारावास (Solitary Confinement) में रखा गया है. कई-कई दिनों तक कोठरी की लाइटें बंद कर दी जाती हैं ताकि वे पूरी तरह अंधेरे में रहें.

जॉनसन ने खुलासा किया कि खराब और जानबूझकर देर से दिए गए इलाज के कारण इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी 85 प्रतिशत तक खत्म हो चुकी है. न तो उन्हें किताबें दी जा रही हैं और न ही उनके बच्चों (सुलेमान और कासिम) को पाकिस्तान आने का वीजा दिया जा रहा है.

 

‘भ्रष्टाचार नहीं, जनरलों का डर है असली वजह’

पूर्व ब्रिटिश पीएम ने साफ शब्दों में कहा कि इमरान खान पर लगाए गए भ्रष्टाचार के दर्जनों झूठे मुकदमे अदालत में टिक नहीं पाए. जिस तथाकथित ‘अल-कादिर ट्रस्ट’ मामले में उन्हें फंसाया गया है, उसमें भी पाकिस्तानी सरकारी वकीलों ने माना है कि इमरान या उनकी पत्नी को कोई वित्तीय फायदा नहीं हुआ.

जॉनसन ने लिखा कि इमरान खान का असली कसूर यह था कि उन्होंने पाकिस्तान में जनतंत्र यानी लोकतंत्र को गंभीरता से लिया और संविधान के तहत सैन्य प्रमुख चुनने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करना चाहा. यही बात पाकिस्तानी जनरलों को नागवार गुजरी और उन्होंने इस राजनीतिक ‘लॉफेयर’ के जरिए उन्हें रास्ते से हटाने का गंदा खेल शुरू किया.

रिहा हुए तो जनता सिर पर बिठा लेगी?

बोरिस जॉनसन ने सवाल उठाया कि आखिर पाकिस्तानी जनरल इमरान खान के साथ इतनी क्रूरता क्यों कर रहे हैं? इसका सीधा जवाब देते हुए उन्होंने लिखा, “क्योंकि वे इमरान खान से बुरी तरह डरे हुए हैं.” इमरान खान पाकिस्तान और दुनिया के सबसे महान क्रिकेट हीरोज में से एक हैं, जिन्होंने 1992 में देश को वर्ल्ड कप दिलाया था.

जनरलों को डर है कि अगर इमरान को जेल से बाहर निकाला गया, तो पाकिस्तान की करोड़ों जनता उन्हें पलकों पर बिठाकर अगले चुनाव में प्रचंड बहुमत से सत्ता में वापस ला देगी. इसी कायरता और डर के चलते 73 साल के नेता को तड़पाया जा रहा है.

UN  की चेतावनी का भी असर नहीं

लेख में जॉनसन ने याद दिलाया कि संयुक्त राष्ट्र (UN) के टॉर्चर पर विशेष रिपोर्टर पिछले दो सालों में तीन बार इमरान खान की जेल स्थितियों की निंदा कर चुके हैं. इसके अलावा एमनेस्टी इंटरनेशनल और खुद पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि पूर्व प्रधानमंत्री को उचित चिकित्सा सेवाओं से वंचित रखा जा रहा है.

लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तानी हुक्मरानों और सेना के सिर पर जूं तक नहीं रेंग रही है, जो कि सीधे तौर पर मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन और वैश्विक घोटाला (Global Scandal) बनता जा रहा है.

ब्रिटेन सरकार की चुप्पी पर बरसे जॉनसन

बोरिस जॉनसन ने ब्रिटेन की वर्तमान सरकार के ढुलमुल और कमजोर रवैये पर भी जमकर भड़ास निकाली. उन्होंने कहा कि इमरान खान को लेकर यूके सरकार का विरोध बेहद घटिया और निराशाजनक रहा है. जॉनसन ने स्वीकार किया कि पीएम रहते हुए इमरान खान के कुछ फैसले (जैसे यूक्रेन युद्ध पर पुतिन का खुलकर विरोध न करना या तालिबान पर नीति) से वे असहमत थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि एक पूर्व राष्ट्रप्रमुख को इस तरह की हैवानियत का शिकार होने दिया जाए. जॉनसन ने मांग (Boris Johnson on Imran Khan) की है कि ब्रिटेन अपने अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का इस्तेमाल करे और इमरान खान को निष्पक्ष अपील व तुरंत रिहाई दिलाए.

-भारत एक्सप्रेस



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