सऊदी अरब पर हूती हमला
Houthi Attack: मिडिल ईस्ट में हालात अचानक बिगड़ गए हैं. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद समेत कई बड़े शहरों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया. इन हमलों के बाद सऊदी सरकार ने पूरे देश में एयर रेड अलर्ट जारी कर दिया है. वहीं अमेरिकी हितों पर खतरा बढ़ने के चलते अमेरिका ने पश्चिम एशिया के देशों के लिए STEP (Smart Traveler Enrollment Program) अलर्ट जारी किया है. इसमें अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले अच्छी तरह सोचें और तुरंत STEP पर रजिस्टर करें ताकि उन्हें सुरक्षा अपडेट मिलते रहें.
हूतियों ने क्या दावा किया?
हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने रियाद के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया. हमले के बाद शहर के मुख्य एयरपोर्ट के पास आग और धुएं का बड़ा गुबार देखा गया. सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बताया कि उनकी एयर डिफेंस ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया.
ट्रंप कैंप डेविड से व्हाइट हाउस लौट
तनाव बढ़ने के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कैंप डेविड से व्हाइट हाउस लौट आए. उनका दौरा तय समय से पहले खत्म हुआ. इसी दौरान अमेरिका का बॉम्बर ब्रिटेन के एयरबेस से रवाना हुआ. अमेरिकी दूतावासों ने मिडिल ईस्ट के कई देशों में एक साथ सुरक्षा अलर्ट जारी किए.
President Donald J. Trump lands back at the White House complex following an overnight stay at Camp David. pic.twitter.com/aITYLoM5IG
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) September 20, 2026
तनाव बढ़ने से किन देशों में अलर्ट?
अमेरिका ने अपने नागरिकों को ईरान, इराक, लेबनान, सीरिया, यमन और गाजा की यात्रा न करने की सलाह दी है. सऊदी अरब जाने से पहले दोबारा विचार करने को कहा गया है. वहीं बहरीन, ओमान, कतर, कुवैत और जॉर्डन में भी सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है.
Middle East: Due to tensions in the Middle East, the security environment remains complex with the potential for unforeseen escalation. Americans currently in the Middle East should exercise heightened vigilance and be aware of potential flight cancellations, airspace closures,… pic.twitter.com/TPj23kFFzo
— TravelGov (@TravelGov) September 19, 2026
हूतियों ने बताई हमले की वजह
हूतियों ने कहा कि रियाद के अलावा लाल सागर के तेल निर्यात केंद्र यान्बू में अरामको की एक फैसिलिटी पर भी हमला किया गया. उनका दावा है कि ये कार्रवाई यमन की राजधानी सना में सऊदी हमलों के जवाब में की गई. सऊदी गठबंधन ने बिश, फरासन, ताइफ और यान्बू में नागरिकों को निशाना बनाने वाले हमलों को नाकाम करने का दावा किया.
हूतियों ने हमले तेज क्यों किए?
जुलाई में नौसैनिक नाकाबंदी घोषित करने के बाद हूतियों ने हमले तेज कर दिए हैं. उनके निशाने पर सऊदी शहर, ऊर्जा ढांचा और लाल सागर की शिपिंग है. इससे वैश्विक तेल सप्लाई और समुद्री व्यापार पर खतरा बढ़ गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पहले से ही प्रभावित है.
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अमेरिकी ठिकानों पर भी खतरा
अमेरिका ने कहा कि मिडिल ईस्ट के बाहर भी उसके राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है. ईरान और उसके समर्थक अमेरिकी हितों और कारोबार पर हमला कर सकते हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी की अपील के बावजूद सीधे सैन्य दखल से इनकार किया है. वहीं तुर्की ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते के तहत मदद की पेशकश की है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी हूती हमलों की निंदा की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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