Iran US talks: पिछले 204 दिनों से अमेरिका-ईरान (Iran US War) के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच कई बार समझौते की बात सामने आई, लेकिन अभी तक स्थायी शांति देखने को नहीं मिली है. हालांकि, अब ईरान ने अमेरिका की ट्रंप सरकार को बड़ा अल्टीमेटम दे दिया है. तेहरान ने जारी जंग को खत्म करने के लिए बातचीत की 7 शर्तें सामने रखी हैं. ये शर्तें कतर की मध्यस्थता के जरिए अमेरिका को बताई गई हैं. अब ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है.
क्या चाहता है ईरान?
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई के मुताबिक, बातचीत शुरू करने के लिए तेहरान ने कई अहम मांगें रखी हैं. इनमें सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, रोके गए ईरानी फंड को जारी करना और समुद्री नाकेबंदी हटाना प्रमुख हैं.
रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि ईरान का रुख स्पष्ट है. उनका कहना है कि अगर अमेरिका इन शर्तों को स्वीकार करता है तो बातचीत का रास्ता खुल सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी धमकियों से ईरान अपना रुख बदलने वाला नहीं है.
ईरानी अधिकारी के मुताबिक, कतर इस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान के बीच संदेश पहुंचाने का काम कर रहा है. पिछले महीने एक समझौता ज्ञापन यानी MoU की समय-सीमा खत्म होने के बाद से कतर और पाकिस्तान दोनों ही दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने की कोशिश कर रहे हैं.
जंग को लेकर ईरान की तैयारी
रेजाई ने यह भी संकेत दिया है कि अगर बातचीत से समाधान नहीं निकलता तो ईरान लंबे टकराव के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि तेहरान ने अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव किया है और किसी भी परिस्थिति से निपटने की तैयारी कर ली है. रेजाई ने दावा किया कि ईरान ने हाल में एक अमेरिकी जहाज या एयरक्राफ्ट कैरियर के पास मल्टी-वॉरहेड एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण भी किया है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख नहीं किया गया है.
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ईरान के सुरक्षा नेतृत्व का कहना है कि आने वाले समय में उसकी जवाबी कार्रवाई बड़े पैमाने पर हो सकती है. रेजाई ने साफ किया कि व्यावहारिक तौर पर युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है. साथ ही, तेहरान ऐसी रणनीति पर काम कर रहा है जिसका उद्देश्य मौजूदा टकराव को जल्द से जल्द समाप्त करना है.
-भारत एक्सप्रेस
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