Rasik Dulari Death Case- bharat express
Rasik Dulari Death Case: मथुरा-वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में है. रसिक दुलारी 25 सितंबर 2026 की सुबह आश्रम से जुड़ी एक चार मंजिला इमारत से नीचे गिर गए थे. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. शुरुआती जांच में पुलिस ने आत्महत्या की आशंका जताई थी, लेकिन घटनास्थल से मिले कुछ सबूतों और परिस्थितियों के बाद अब मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है.
CCTV में दर्ज है गिरने का पूरा वक्त
मामले में सामने आए CCTV फुटेज ने जांच को एक अहम आधार दिया है. वीडियो में 25 सितंबर 2026 की तारीख और सुबह करीब 10 बजकर 36 मिनट का समय दिखाई दे रहा है. फुटेज में रसिक दुलारी चौथी मंजिल से नीचे गिरते नजर आते हैं. उस वक्त उनके शरीर पर सफेद धोती और पीले रंग का कपड़ा दिखाई दे रहा है. हालांकि, CCTV में सिर्फ गिरने की घटना दिखाई देने से यह स्पष्ट नहीं होता कि वह किन परिस्थितियों में चौथी मंजिल तक पहुंचे थे या गिरने से ठीक पहले वहां क्या हुआ था. यही वजह है कि पुलिस घटना से पहले और बाद की गतिविधियों को भी खंगाल रही है.
घटनास्थल से मिला खून के निशान वाला उपकरण
पुलिस की जांच अब उस कमरे पर भी केंद्रित है, जहां रसिक दुलारी रहते थे. पुलिस और फोरेंसिक टीम ने कमरे की जांच कर वहां से कुछ सामान और जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस के मुताबिक, कमरे से एक उपकरण मिला है, जिस पर खून के निशान पाए गए हैं. रसिक दुलारी के शरीर पर भी चोट के निशान मिले थे. इसी वजह से पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कमरे में मिला उपकरण वहां कैसे आया और क्या इसका घटना से कोई संबंध है. फिलहाल इस संबंध में जांच पूरी नहीं हुई है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.
कमरे में रहते थे दो और लोग
जांच कर रहे सीओ संदीप कुमार सिंह के मुताबिक, रसिक दुलारी जबलपुर के रहने वाले थे और आश्रम से जुड़े परिसर में रह रहे थे. पुलिस के अनुसार, उनके साथ कमरे में दो अन्य लोग भी रहते थे. दोनों से पूछताछ की जा रही है. इसके अलावा रसिक दुलारी के मोबाइल से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है. पुलिस ने मौके से मिले सामान को अपने कब्जे में लिया है. घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने की बात भी सामने आई है. पुलिस परिवार के सदस्यों से भी बातचीत कर रही है.
परिवार ने भी उठाए कई सवाल
रसिक दुलारी के परिवार की ओर से भी घटना को लेकर कुछ सवाल उठाए गए हैं. परिजनों के मुताबिक, उन्हें फोन पर बताया गया था कि रसिक दुलारी गिर गए हैं और उन्हें सर्जरी की जरूरत है. इसके बाद परिवार वृंदावन के लिए रवाना हुआ और रात करीब 3 बजे वहां पहुंचा. परिवार का कहना है कि वे पहले प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे, जहां उन्हें सुबह 8 बजे के बाद मिलने के लिए इंतजार करने को कहा गया. परिजनों के अनुसार, वे करीब 9 बजे वहां से निकल गए. परिवार का दावा है कि इस दौरान उन्हें रसिक दुलारी की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी. हालांकि, रसिक दुलारी के बहनोई सोनू पटेल ने किसी पर सीधे तौर पर हत्या या धक्का देने का आरोप नहीं लगाया था. उन्होंने कहा था कि इस बारे में वह फिलहाल कुछ नहीं कह सकते.
प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी (रसिक दुलारी शरण) की इमारत से गिरने का CCTV फुटेज सामने आया। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। इस घटना के पीछे का असली सच क्या है, इसकी जांच की जा रही है। #VrindavanNews #PremanandMaharaj #Mathura #DeepakLodhi
pic.twitter.com/JPJuj8vZrw— Shyamdatt (@ShyamDatt_C) September 27, 2026
2024 से वृंदावन में रह रहे थे रसिक दुलारी
परिवार के मुताबिक, रसिक दुलारी साल 2024 से वृंदावन में रह रहे थे. दीक्षा लेने के बाद उनसे मिलना पहले की तुलना में मुश्किल हो गया था. परिजनों का कहना है कि जब वे उनसे मिलने आते थे तो कई बार एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता था. परिवार ने यह भी बताया कि रसिक दुलारी के पास मोबाइल फोन नहीं था और उनसे फोन पर नियमित बातचीत नहीं हो पाती थी. परिजनों के मुताबिक, उन्होंने घटना से पहले लगातार तीन दिनों तक उनसे मिलने की कोशिश की थी.
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी नजर
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, फोरेंसिक जांच, मोबाइल से जुड़ी जानकारी और आश्रम परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच कर रही है. सबसे अहम सवाल यही है कि रसिक दुलारी चौथी मंजिल से किन परिस्थितियों में नीचे गिरे. CCTV घटना का समय और गिरने की तस्वीर जरूर सामने लाता है, लेकिन इससे घटना की पूरी वजह स्पष्ट नहीं होती. आत्महत्या थी या कोई अन्य परिस्थिति, इसका निष्कर्ष जांच और पोस्टमार्टम समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकलेगा. फिलहाल मामले में जांच जारी है.
भारत एक्सप्रेस
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