गोरखपुर जलभराव पर रवि किशन-पार्षद बहस
UP News: गोरखपुर से एक फोन कॉल की रिकॉर्डिंग इन दिनों इंटरनेट पर जमकर घूम रही है. इसमें शहर के सदर सांसद रवि किशन शुक्ला और बेतियाहाता वार्ड के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी आपस में बात करते सुनाई दे रहे हैं. बातचीत का मुद्दा शहर में भरे पानी और तरकुलानी इलाके से पानी निकालने का था लेकिन बात धीरे-धीरे सियासी तंज में बदल गई. दोनों ही तरफ से एक-दूसरे पर पार्टी को लेकर चुटकी ली गई, जिस वजह से ये ऑडियो-वीडियो और ज्यादा चर्चा में आ गया है.
रवि किशन और पार्षद का तज
वायरल हो रहे वीडियो में सुनाई दे रहा है कि सांसद रवि किशन पार्षद से पूछते हैं कि समाजवादी पार्टी ज्वाइन कई लिहल का? सपा वाली बात कर रहे हो, सपा के नेता हो गइल का? इस पर पार्षद भी चुप नहीं रहते और पलटकर जवाब देते हैं कि पानी अगर भर जाए तो आदमी सपा ज्वाइन कर लिया? आप क्या ज्वाइन कर लिए सांसद जी, बसपा ज्वाइन कर लिए आप? दोनों के बीच इसी तरह की नोकझोंक चलती रहती है जिसमें पानी की समस्या के साथ-साथ राजनीतिक दल का नाम भी बार-बार आता है.
‘रेगुलेटर चालू है या नहीं’
इसके बाद बातचीत का रुख टेक्निकल हो जाता है. सांसद रवि किशन कहते हैं कि शहर में सभी जगह रेगुलेटर चल रहे हैं. इस पर पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी कहते हैं कि अगर रेगुलेटर को सही ढंग से चलाया नहीं जाएगा तो जलभराव तो होगा ही. इस पर सांसद थोड़े तल्ख अंदाज में पूछते हैं कि सब चालू है, केकरा के सुनावत बाट हो पार्षद जी? तो पार्षद साफ कहते हैं कि आपको सुना रहे हैं. इसी दौरान सांसद उन्हें ‘ब्राह्मण देवता’ कहकर संबोधित करते हैं, जिस पर पार्षद कहते हैं कि यहां पर ब्राह्मण की बात नहीं है, पूरा शहर डूब रहा है. आपको ब्राह्मण देवता, ब्राह्मण देवता दिख रहा है.
सपा वाली बात पर पार्षद का करारा जवाब
बातचीत में एक बार फिर वही सवाल दोहराया जाता है. रवि किशन फिर से कहते हैं कि सपा वाली बात कर रहे हो, सपा के नेता हो गइल का? पार्षद दोबारा उसी अंदाज में जवाब देते हैं कि आप क्या ज्वाइन कर लिए सांसद जी, आप बसपा ज्वाइन कर लिए क्या? इसके बाद सांसद पूछते हैं कि वे अचानक इस लहजे में क्यों बात कर रहे हैं. पार्षद कहते हैं कि अधिकारियों से बात करनी चाहिए, तो रवि किशन भरोसा देते हैं कि वे फौरन अफसरों से बात करेंगे और समस्या का समाधान कराएंगे.
पार्षद ने लगाया झूठ बोलने का आरोप
इस पूरे मामले का एक दूसरा हिस्सा भी सामने आया है. इसमें पार्षद नौका विहार पहुंचकर सांसद को फोन लगाते दिख रहे हैं. वह वीडियो में कहते हैं कि शाम के 6 बजकर 56 मिनट हो रहे हैं और वे जनता के बीच नौका विहार पर मौजूद हैं, लेकिन सांसद फोन नहीं उठा रहे हैं. पार्षद आरोप लगाते हैं कि सांसद जनता और जनप्रतिनिधियों से झूठ बोल रहे हैं. उनका कहना है कि इतनी तेज बारिश में सांसद को खुद फील्ड में रहकर लोगों की परेशानी देखनी चाहिए थी. पार्षद कहते हैं कि सांसद ने खुद को नौका विहार पर बताया था, पर मौके पर वह नहीं मिले, जबकि वह खुद वहां मौजूद हैं.
सोशल मीडिया पर वीडियो की चर्चा तेज
रवि किशन और विश्वजीत त्रिपाठी के बीच हुई ये पूरी बातचीत अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही है. वीडियो में जलभराव को लेकर बहस, अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल और सपा-बसपा को लेकर की गई टिप्पणियां सब कुछ साफ सुनाई दे रहा है. लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं और शहर में जलभराव की समस्या को लेकर भी चर्चा और तेज हो गई है.
जलभराव पर अखिलेश यादव ने भी सरकार को घेरा
इधर पूरे प्रदेश में जलभराव की स्थिति पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बयान भी आया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि शहरों में पानी भरने की वजह सिर्फ ज्यादा बारिश नहीं है बल्कि भारतीय जनता पार्टी के भ्रष्टाचार के कारण नालियों और नालों की सफाई की व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई है. अखिलेश ने लिखा कि जब नाली से लेकर नाले तक कचरे और गंदगी से जाम पड़े हैं, तो पानी निकलेगा कैसे.
नदियों की गाद और इकोसिस्टम पर सपा प्रमुख की बड़ी बात
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगे कहा कि अलग-अलग तरह के प्रदूषण और नालों का गंदा पानी सीधे नदियों में गिरने से नदियों का बहाव गाद जमने की वजह से काफी बाधित हो गया है. सिर्फ बांध बनाकर उफनती नदी के पानी को रोकना कोई स्थायी हल नहीं है. उन्होंने वादा किया कि भविष्य में उनकी सरकार नदियों की गाद निकालकर उन्हें गहरा करने का काम करेगी, ताकि नदियां अविरल यानी बिना रुकावट के अपने प्राकृतिक रूप में बह सकें और नदी के अंदर के जीव-जंतु और इकोसिस्टम से नदियां खुद-ब-खुद निर्मल हो सकें.
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अखिलेश यादव ने राजधानी लखनऊ के साथ-साथ स्मार्ट सिटी कहे जाने वाले गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों का जिक्र करते हुए कहा कि हर जगह हाल बेहाल है. गंदगी की वजह से बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है. खासकर नदी किनारे रहने वाले और नदी पर निर्भर रोजगार वाले लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है. आखिर में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है कि बीजेपी सरकार की आंख का पानी भी बहकर जलराशि को और बढ़ा रहा है. बीजेपी जाएगी, तभी नदी को जीवन मिलेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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