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सुप्रीम कोर्ट ने मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत के खिलाफ बंगाल पुलिस की तत्काल सुनवाई ठुकराई

सुप्रीम कोर्ट ने नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की अंतरिम जमानत को चुनौती देने वाली पश्चिम बंगाल पुलिस की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है. 5 अक्टूबर को सुनवाई होगी.

Milan Pradhan

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को फिलहाल राहत देते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस की उस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है, जिसमें उनकी अंतरिम जमानत को चुनौती दी गई है.

मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत का बोर्ड पहले से काफी लंबा है. इसके साथ ही कोर्ट ने मामले को आगामी 5 अक्टूबर (सोमवार) को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है.

कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश और शर्तें

इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने मिलन प्रधान को तीन हफ्ते यानी 21 अक्टूबर तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी थी. हाईकोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए इस बात पर गौर किया था कि उन्हें नामांकन पत्र (Nomination Paper) भरने के बाद हिरासत में लिया गया था और उनके खिलाफ दर्ज मामले वर्ष 2007 के ऐतिहासिक नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े हुए हैं. हाईकोर्ट ने प्रधान को 10,000-10,000 रुपये के दो निजी मुचलकों पर जमानत देते हुए कुछ कड़ी शर्तें भी लगाई थीं.

  • प्रधान को अपना मोबाइल नंबर संबंधित थाने में जमा करना होगा
  • जांच अधिकारी (IO) को प्रत्येक दिन दो तय समय- सुबह 8:30 से 10:00 बजे के बीच और रात 9:30 से 10:30 बजे के बीच प्रधान को फोन करना होगा, ताकि उनकी लोकेशन का सही पता चल सके.

बता दें कि मिलन प्रधान के खिलाफ कुल 11 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 5 मामलों के सिलसिले में वह जेल में बंद थे.

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सॉलिसिटर जनरल की दलीलें

एसजी तुषार मेहता की मांग: पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग करते हुए कोर्ट को बताया कि मिलन प्रधान भारतीय न्याय संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) के मामले में आरोपी हैं और उन्हें केवल चुनाव लड़ने के लिए अंतरिम जमानत दी गई है. उन्होंने अनुरोध किया कि इस पर जल्द सुनवाई की जानी चाहिए.

कोर्ट का रुख: इस पर सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि मामले को सोमवार के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है. अदालत ने मौखिक रूप से यह भी टिप्पणी की कि “हम भरोसा दिलाते हैं कि हम इस पर उचित विचार करेंगे, लेकिन सुनवाई सोमवार को ही होगी.”



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