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गाय के लिए बन रहा 1 करोड़ रूपये का बंगला! 10 किलो चांदी पहनने वाली राजस्थान की ‘राधा’ का शाही ठाठ देख दुनिया हैरान

Rajasthan News: राजस्थान के जालौर जिले में एक बिजनेसमैन अपनी पालतू कांकरेज नस्ल की गाय ‘राधा’ के लिए 1 करोड़ रूपये की लागत से दो मंजिला ‘राधा महल’ बनवा रहे हैं. 10 किलो चांदी के गहने पहनने वाली इस गाय की रोज सुबह-शाम आरती होती है.

गाय 'राधा' के लिए ₹1 करोड़ का राधा महल बनवा रहे बिजनेसमैन नरेंद्र पुरोहित.

Rajasthan News: राजस्थान के जालौर जिले के धानोल गांव से गौभक्ति की एक अनोखी और हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है. यहां रहने वाले बिजनेसमैन नरेंद्र पुरोहित अपनी पालतू गाय ‘राधा’ को अपने परिवार की सबसे सम्मानित सदस्य मानते हैं. उन्होंने राधा के लिए अपने खुद के मकान से सवा फीट ऊंचा, संगमरमर से सजा ₹1 करोड़ का आलीशान दो मंजिला ‘राधा महल’ बनवाना शुरू किया है.

राजस्थान के जालौर में गौसेवक नरेंद्र पुरोहित अपनी पूजनीय गाय ‘राधा’ के लिए ₹1 करोड़ की लागत से संगमरमर का दो मंजिला ‘राधा महल’ बनवा रहे हैं. 1500 रूपये की नौकरी से सफल बिजनेसमैन बने नरेंद्र इस गाय को अपनी तरक्की का आधार मानते हैं, जिसे 10 किलो चांदी के गहने पहनाए जाते हैं और रोज सुबह-शाम आरती उतारी जाती है.

₹1500 की नौकरी से करोड़पति बनने की कहानी: जब राधा ने बदली किस्मत

नरेंद्र पुरोहित साल 2015 में पथमेड़ा गौशाला से दो साल की गाय राधा को बैंड-बाजे के साथ अपने घर लाए थे. उस समय वह महज 1500 रूपये की मामूली नौकरी करते थे, लेकिन राधा के कदम पड़ते ही उनकी किस्मत पूरी तरह पलट गई. आज उनका मुंबई में रेलवे ठेकेदारी, कंस्ट्रक्शन और इलेक्ट्रिक स्कूटर का बड़ा कारोबार है. उनका मानना है कि यह सब राधा मैया के आशीर्वाद से ही संभव हुआ है.
10 किलो चांदी के आभूषण और देसी घी के लड्डू: ऐसा है शाही ठाठ-बाट

कांकरेज नस्ल की गाय राधा का रहन-सहन किसी महारानी से कम नहीं है. उसकी सेवा में 24 घंटे चार सेवक तैनात रहते हैं. हर महीने की अष्टमी, तीज-त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर राधा को चुनरी और लगभग 10 किलो चांदी के आभूषण (कंठी व माथे के गहने) पहनाकर सजाया जाता है. खाने में राधा को देसी घी से बनी लपसी और खास लड्डू दिए जाते हैं.

CCTV से दूर बैठकर दर्शन, नंदी से कराया था प्रतीकात्मक विवाह

नरेंद्र पुरोहित जब काम के सिलसिले में मुंबई में होते हैं, तो वह दिन में कई बार सीसीटीवी कैमरों के जरिए राधा के दर्शन करते हैं. उनके दर्शन किए बिना परिवार में कोई खाना तक नहीं खाता. वे महीने में चार बार सिर्फ राधा की सेवा के लिए गांव आते हैं. राधा के प्रति भक्ति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल 2021 में पूरे धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ राधा का नंदी से प्रतीकात्मक विवाह कराया गया था, जिसमें पूरा गांव बराती बना था.

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-भारत एक्सप्रेस



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