अडानी ग्रीन एनर्जी ने गुजरात के खावड़ा में BESS क्षमता बढ़ाकर 6.63 GWh कर दी
Adani Green Energy: अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने गुजरात के खावड़ा में अपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) क्षमता बढ़ाकर 6.63 गीगावाट-घंटे (GWh) कर दी है. जून 2026 में खावड़ा में कंपनी की ऑपरेशनल बैटरी स्टोरेज क्षमता 3.55 GWh थी, जो अब लगभग दोगुनी हो गई है.
कंपनी के मुताबिक, भारत में करीब 12.6 GWh की ऑपरेशनल BESS क्षमता है. ऐसे में AGEL के पास देश की कुल चालू बैटरी स्टोरेज क्षमता का 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा है. कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडानी ने कहा कि इससे नवीकरणीय ऊर्जा को जरूरत के समय उपलब्ध कराना आसान होगा और बिजली सप्लाई ज्यादा भरोसेमंद बनेगी.
20 लाख घरों के बराबर रोजाना बिजली
AGEL का दावा है कि 6.63 GWh का यह बैटरी सिस्टम इतनी स्वच्छ ऊर्जा स्टोर कर सकता है, जिससे करीब 20 लाख घरों को एक दिन तक बिजली दी जा सकती है. यह नागपुर, पटना और विशाखापत्तनम जैसे शहरों में पीक डिमांड के दौरान कई घंटों तक बिजली की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकता है. इसमें दिल्ली मेट्रो की अनुमानित रोजाना बिजली जरूरत के करीब दो गुने के बराबर ऊर्जा भी स्टोर की जा सकती है.
खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा ऑपरेशनल BESS
खावड़ा में एक ही स्थान पर दुनिया का सबसे बड़ा ऑपरेशनल बैटरी स्टोरेज इंस्टॉलेशन मौजूद है. यह सिस्टम AGEL के 30 GW के नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो 538 वर्ग किलोमीटर के बंजर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है.
BESS में लिथियम-आयन बैटरियों के साथ एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम और ऑटोमेटेड टेलीमेट्री का इस्तेमाल होता है. यह तकनीक जरूरत के हिसाब से बैटरी को चार्ज और डिस्चार्ज करती है, ग्रिड को स्थिर रखने और पीक डिमांड के समय बिजली उपलब्ध कराने में मदद करती है. इससे नवीकरणीय बिजली के बेकार जाने यानी कर्टेलमेंट को कम किया जा सकता है.
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अगला लक्ष्य 50 GWh
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 में 10 GWh से अधिक नई BESS क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है. अगले पांच वर्षों में बैटरी स्टोरेज क्षमता को 50 GWh तक पहुंचाने की योजना है.
-भारत एक्सप्रेस
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