Meerut Blue Drum Murder Case: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मेरठ की जिला अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अब मामला सजा के ऐलान पर टिका हुआ है. कोर्ट से मुस्कान और साहिल को कातिल करार दिए जाने के बाद जहां एक तरफ सौरभ के परिजनों की नजरें कड़े फैसले पर हैं,
वहीं दूसरी तरफ जिला जेल में बंद दोषियों का व्यवहार अचानक बदल गया है. फैसले के बाद से ही मुस्कान और साहिल गुमसुम हैं और उन्होंने खाना-पीना भी बहुत कम कर दिया है.
क्या चाहती है मुस्कान?
दोषी करार दिए जाने के बाद मुस्कान बेहद भावुक और परेशान नजर आ रही है. उसने जेल प्रशासन से अपनी बड़ी बेटी पिहू से मिलने की गुहार लगाई है. 29 सितंबर को मुस्कान ने लिखित अनुमति मांगते हुए कहा कि वह सजा सुनाए जाने से पहले एक बार अपनी बेटी का चेहरा देखना चाहती है. इसके अलावा वह अपनी मां कविता और पिता प्रमोद रस्तोगी से भी मुलाकात करना चाहती है.
मुस्कान बार-बार रोते हुए जेल स्टाफ से कह रही है, ‘अब मेरी बेटी का क्या होगा?’ उसे नवंबर 2025 में जेल में जन्मी अपनी छोटी बेटी मन्नत के भविष्य की भी चिंता सता रही है. जेल कर्मचारियों ने किसी तरह समझा-बुझाकर उसे शांत कराया.
जेल प्रशासन का रुख और सुरक्षा
मुलाकात की अर्जी पर मेरठ जिला जेल के सुप्रिटेंडेंट वीरेश राज शर्मा का कहना है कि अगर परिजन खुद जेल परिसर में आते हैं, तो नियमानुसार मुलाकात कराई जा सकती है.
बता दें कि अदालत का फैसला आने के बाद पहली बार सह-दोषी साहिल की आंखों में भी आंसू देखे गए. दोनों दोषियों के मानसिक तनाव और निराशा को देखते हुए जिला जेल प्रशासन ने उनकी निगरानी बढ़ा दी है. दोनों पर बैरक में लगातार नजर रखी जा रही है ताकि वे कोई अप्रिय कदम न उठा सकें.
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-भारत एक्सप्रेस
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