एशियाई खेल 2026 में भारत ने अपना अभियान 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर खत्म किया. भारतीय खिलाड़ियों ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीते. खास बात यह रही कि भारत ने पदक तालिका में वही चौथा स्थान हासिल किया, जो पिछले एशियाई खेलों में मिला था. हालांकि इस बार कुल पदकों के साथ-साथ स्वर्ण पदकों की संख्या भी कम रही.
भारत के लिए खेलों की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. शूटिंग, एथलेटिक्स जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन शुरुआती मुकाबलों में उन उम्मीदों को बड़ा झटका लगा. हांगझोऊ में शूटिंग से भारत को सात स्वर्ण पदक मिले थे, जबकि इस बार व्यक्तिगत राइफल और पिस्टल स्पर्धाओं में वैसी सफलता नहीं मिल सकी.
एथलेटिक्स में भी तस्वीर कुछ ऐसी ही रही. पिछली बार भारत ने छह स्वर्ण पदक जीते थे, लेकिन इस बार यह संख्या घटकर सिर्फ एक रह गई. इसका सीधा असर पदक तालिका पर पड़ा और लंबे समय तक भारत शीर्ष 10 से बाहर रहा.
आखिरी दौर में बदली पूरी कहानी
लेकिन भारतीय दल ने खेलों के अंतिम चरण में जोरदार वापसी की. बॉक्सिंग, आर्चरी, कुश्ती और हॉकी में लगातार आए स्वर्ण पदकों ने अभियान की दिशा ही बदल दी. जिन मुकाबलों में शुरुआत में निराशा मिली थी, उनके बाद खिलाड़ियों ने आखिरी दिनों में दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया.
शूटिंग में नीरू ढांडा का प्रदर्शन खास रहा. उन्होंने ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास बनाया. वह एशियाई खेलों में ट्रैप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं. नीरू ने क्यनान चेनाई के साथ ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
आर्चरी में भी भारत के लिए बड़ी उपलब्धि आई. महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर पहली बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता. इसके अलावा कुमकुम मोहोद ने व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में भी गोल्ड हासिल किया.
बॉक्सिंग और कुश्ती में भी भारत का जलवा
बॉक्सिंग रिंग में लवलिना बोरगोहैन ने 75 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता. उनके अलावा परवीन ने 65 किलोग्राम और अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड अपने नाम किया.
कुश्ती में अमन सेहरावत ने 57 किलोग्राम और सुजीत कलकल ने 65 किलोग्राम वर्ग में भारत के खाते में स्वर्ण पदक जोड़े. इन जीतों ने भारतीय दल को पदक तालिका में ऊपर पहुंचने में अहम भूमिका निभाई.
हॉकी में बना खास रिकॉर्ड
टीम स्पोर्ट्स की बात करें तो हॉकी में भारत के लिए यह अभियान यादगार रहा. पुरुष टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता. महिला टीम ने भी गोल्ड हासिल किया.
एशियाई खेलों के इतिहास में यह पहली बार रहा, जब भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक जीते. क्रिकेट में पुरुष टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड हासिल किया. कबड्डी में भी भारत के हिस्से में स्वर्ण पदक आए. गोल्फ में प्रणावी उर्स ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. वह एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनीं.
भारत ने इस बार कुल 85 पदक जीते, जबकि हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारतीय दल ने 106 पदक हासिल किए थे, जिनमें 28 स्वर्ण शामिल थे. यानी कुल पदकों और गोल्ड, दोनों में इस बार गिरावट आई.
फिर भी 85 पदकों के साथ भारत का यह प्रदर्शन एशियाई खेलों में देश के दूसरे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के रूप में दर्ज हुआ. पदक तालिका में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया भारत से आगे रहे. उज्बेकिस्तान और भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बराबर रही, लेकिन ज्यादा रजत पदक होने के कारण भारत चौथे स्थान पर रहा.
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-भारत एक्सप्रेस
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