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नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार को बताया दुनिया का हीरो, इजरायल के स्वतंत्रता दिवस के लिए दिया खास न्योता

Captain Smit Machchhar: नेतन्याहू ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ कर उन्हें भारत, इजरायल और दुनिया का हीरो बताया. पीएम मोदी संग इजरायल बुलाया.

Netanyahu Invites Smit Machchhar

नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस के लिए दिया खास न्योता

Netanyahu Invites Smit Machchhar for Independence Day: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर बातचीत कर उनके साहस की जमकर तारीफ की है. एक मुश्किल परिस्थिति में विमान को संभालने और यात्रियों की जान बचाने के लिए नेतन्याहू ने उन्हें भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का हीरो बताया. इतना ही नहीं, उन्होंने कैप्टन मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने का खास न्योता भी दिया.

नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान कहा कि वह चाहते हैं कि कैप्टन मच्छार और प्रधानमंत्री मोदी इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर होने वाले समारोह में जश्न की मशाल जलाएं. उन्होंने कैप्टन मच्छार के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की भी कामना की.

मुश्किल घड़ी में नहीं खोया हौसला

दरअसल, यह पूरा मामला फ्लाईदुबई की उस उड़ान से जुड़ा है, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी. 30 सितंबर को फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में उस समय अचानक हालात बिगड़ गए, जब ओमान के को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया.

कैप्टन मच्छार के मुताबिक, उड़ान सामान्य तरीके से आगे बढ़ रही थी. को-पायलट ने नमाज पढ़ने की बात कही और इसके बाद कैप्टन ने सम्मान के तौर पर अपना ध्यान सामने रखा. इसी दौरान उन पर अचानक पीछे से हमला कर दिया गया.

उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद विमान में ही कोई गंभीर तकनीकी समस्या पैदा हो गई है. लेकिन लगातार हो रहे हमलों के बाद उन्हें समझ आया कि कॉकपिट में मौजूद दूसरा व्यक्ति ही उन पर हमला कर रहा है.

हमले के बाद तेजी से नीचे जाने लगा विमान

हमले के बीच विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह तेजी से नीचे जाने लगा. कैप्टन मच्छार ने बताया कि कुछ ही समय में विमान करीब 16,000 फीट नीचे आ गया था. स्थिति इतनी गंभीर थी कि हाईजैकिंग से जुड़ा डिस्ट्रेस सिग्नल भी भेजना पड़ा.

इस दौरान कैप्टन मच्छार खुद बुरी तरह घायल हो चुके थे. उनकी नजर धुंधली पड़ गई थी और उन्हें ठीक से दिखाई भी नहीं दे रहा था. इसके बावजूद उन्होंने विमान का नियंत्रण संभालने की कोशिश जारी रखी.

कैप्टन ने बताया कि उस समय उनका पूरा ध्यान सिर्फ विमान को संभालने और उसमें सवार लोगों को सुरक्षित रखने पर था. उन्होंने हमलावर को रोकने की भी कोशिश की, लेकिन लगातार चोट लगने के कारण उनके लिए स्थिति बेहद मुश्किल हो गई थी.


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इमरजेंसी लैंडिंग कर बचाई यात्रियों की जान

इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं छोड़ी. उन्होंने विमान को नियंत्रित किया और आखिरकार उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराने में सफल रहे. विमान में करीब 180 लोग सवार थे और इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद सभी की जान बच गई.

यही वजह है कि उनके साहस की चर्चा भारत से लेकर इजरायल तक हो रही है. एक पायलट के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने जिस तरह विपरीत परिस्थितियों में विमान को संभाला, उसे असाधारण हिम्मत का उदाहरण माना जा रहा है.

-भारत एक्सप्रेस



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