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पटना में ‘दो कचौड़ी एक समोसा, BPSC का क्या भरोसा!’ गूंजा नारा, दारोगा अभ्यर्थियों का फूटा भारी गुस्सा

Patna News: बिहार की राजधानी पटना में दारोगा मुख्य परीक्षा रद्द करने के विरोध में अभ्यर्थियों ने जेपी गोलंबर पर प्रदर्शन किया. पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और नारेबाजी हुई.

बीपीएसएससी द्वारा मुख्य परीक्षा रद्द करने के विरोध में जेपी गोलंबर पर नारेबाजी करते अभ्यर्थी.

Patna News: बिहार की राजधानी पटना में बीपीएसएससी (BPSSC) द्वारा 1,799 दारोगा पदों के लिए आयोजित मुख्य परीक्षा को रद्द किए जाने के विरोध में अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया. गर्दनीबाग में 7 दिनों तक धरना देने के बाद सोमवार को अभ्यर्थी जेपी गोलंबर पर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे. पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर अभ्यर्थियों को रोका, जिससे दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा रद्द करने के बजाय धांधली की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य बर्बाद न हो.

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की

अभ्यर्थी मौर्य लोक की ओर से आगे बढ़ना चाहते थे लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया. इस दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. पुलिस ने अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया. प्रदर्शन के कारण आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी बना रहा. प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों के हाथों में अलग-अलग पोस्टर नजर आए.

एक पोस्टर पर लिखा था,

“दो कचौड़ी, एक समोसा, बीपीएसएससी का क्या भरोसा.” इसके जरिए अभ्यर्थियों ने आयोग के फैसले पर सवाल उठाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया. गौरतलब है कि बिहार में दारोगा के 1,799 पदों पर नियुक्ति के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी. मुख्य परीक्षा का परिणाम भी घोषित किया जा चुका था. बाद में परीक्षा में अनियमितता के आरोप सामने आने के बाद बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा को रद्द कर दिया.

अभ्यर्थियों में जमकर नाराजगी

आयोग के इस फैसले के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी है और वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा रद्द करने के बजाय पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए.

उनका दावा है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने पूरी प्रक्रिया में मेहनत की है और परीक्षा रद्द होने से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है. प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लेने की मांग की है.

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-भारत एक्सप्रेस



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