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‘सऊदी के हुक्म पर ‘किराए की फौज’ भेजेगा PAK!’ ‘मक्का पैक्ट’ हुआ एक्टिव, अब कैसे मान गया मुनीर?

सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के रक्षा समझौते को लेकर उसकी सेना की संभावित तैनाती की चर्चा तेज है, जिससे यमन में हूती संघर्ष का दायरा बढ़ सकता है.

Pakistan

पाई-पाई को तरस रहे पाकिस्तान को आखिरकार वही काम करना पड़ रहा है, जिसमें उसका पुराना इतिहास रहा है-‘दूसरों की जंग में अपनी फौज झोंकना’. यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के भीषण हमलों से हलकान हुए सऊदी अरब को बचाने के लिए ऐतिहासिक ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ (Mecca Joint Defense Agreement) एक्टिव कर दिया गया है.

बता दें रियाद में हुई एक गुप्त और आपातकालीन मीटिंग के बाद तय हुआ है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और तुर्की की सेना अब सऊदी अरब की सरजमीं पर अपनी फौज की तैनाती करेगी.

रियाद की इमरजेंसी मीटिंग में झुके आसिम मुनीर(Pakistan Saudi Defence Pact)

सोमवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एक बेहद हाई-प्रोफाइल और सीक्रेट बैठक हुई. इसमें सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान के सामने पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, उप प्रधानमंत्री इशाक डार और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान मौजूद थे. कंगाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान ने सऊदी के वित्तीय एहसानों तले दबकर तुरंत अपनी सेना (Ground Troops) सऊदी अरब भेजने का फरमान जारी कर दिया.

‘मक्का पैक्ट’ की आड़ में खतरनाक खेल

अगस्त में हुए ‘मक्का डिफेंस पैक्ट’ के तहत नियम साफ है-यदि तीनों में से किसी एक देश की सुरक्षा पर खतरा आता है, तो बाकी दो देश अपनी सैन्य ताकत लेकर मैदान में उतरेंगे. तुर्की के पास नाटो की दूसरी सबसे बड़ी सेना है, पाकिस्तान परमाणु हथियारों का दंभ भरता है और सऊदी अरब के पास अकूत पैसा है.

लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हूती विद्रोहियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों से घबराए सऊदी ने अब पाकिस्तान की फौज को अपने आगे ‘मानव ढाल’ बनाकर खड़ा करने की पूरी तैयारी कर ली है.

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यमन के दलदल में फंसने जा रहे मुनीर के जवान

सवाल यह उठ रहा है कि पाकिस्तान आखिर दूसरों की जंग में अपने सैनिकों की बलि क्यों चढ़ा रहा है? असल में सऊदी अरब से मिलने वाली खैरात और कर्ज की किस्तें बचाए रखने के लिए शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की जोड़ी ने यह सौदा किया है. यमन में हूती लड़ाकों ने सऊदी समर्थित ठिकानों और तेल कुओं पर भयंकर तबाही मचा रखी है. अब जब पाकिस्तानी सैनिक वहां उतरेंगे, तो उनका सीधा सामना हूतियों के आत्मघाती दस्तों और बारूदी सुरंगों से होगा.

तुर्की के ड्रोन्स और पाक की सेना का होगा इस्तेमाल

यमन के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘बाब अल-मंदेब’ जलडमरूमध्य (Strait) के पास सऊदी गठबंधन ने धुबाब, बाब और हदीद जैसे शहरों पर दोबारा कब्जा करने के लिए बड़ा एयर-स्ट्राइक अभियान चलाया है. सूत्रों के मुताबिक, इस काउंटर-अटैक में तुर्की अपने खतरनाक ड्रोन्स उपलब्ध कराएगा, जबकि पाकिस्तानी सैनिकों को जोखिम वाले ग्राउंड ऑपरेशन्स और सुरक्षा चौकियों पर तैनात किया जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस



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