नायडू ने पीएम मोदी के 25 साल के नेतृत्व को बताया ऐतिहासिक (इमेज-X.com)
Chandrababu Naidu On PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 25 साल पूरे होने के मौके पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उनके नेतृत्व की जमकर सराहना की है. नायडू ने कहा कि मोदी के 25 सालों के नेतृत्व ने भारत की विकास यात्रा की दिशा बदल दी है. उन्होंने कहा कि अब अगले 20 साल भारत को इतिहास में अपनी जगह तय करने का अवसर देंगे.
चंद्रबाबू नायडू ने अपने लेख में कहा कि अपने 48 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में उन्होंने कई राजनीतिक दलों और नेताओं को उभरते और खत्म होते देखा है. सरकारों, अर्थव्यवस्थाओं और तकनीक में बड़े बदलाव भी देखे हैं. लेकिन इन सबके बीच एक बात लगातार स्पष्ट हुई है कि किसी देश के लिए नेतृत्व सबसे ज्यादा मायने रखता है.
नेतृत्व में विजन और काम करने की क्षमता जरूरी
नायडू ने कहा कि आज तकनीक, ज्ञान, पूंजी और विचार दुनिया में आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन किसी देश को आगे ले जाने के लिए सिर्फ संसाधन पर्याप्त नहीं हैं. इसके लिए ऐसा नेतृत्व चाहिए, जिसमें दूरदृष्टि, ईमानदारी, विश्वसनीयता और फैसलों को जमीन पर उतारने की क्षमता हो.
उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2026 को नरेंद्र मोदी कार्यकारी पद पर 25 साल पूरे कर रहे हैं. पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने लंबा राजनीतिक सफर तय किया है. नायडू के मुताबिक बदलती परिस्थितियों के बावजूद मोदी के उद्देश्य में निरंतरता रही है – भारत का विकास और लोगों का सशक्तिकरण.
वैश्विक संकटों के बीच भारत रहा स्थिर
नायडू ने अपने लेख में वैश्विक वित्तीय संकट, कोरोना महामारी, युद्ध, भू-राजनीतिक बदलाव, तकनीकी बदलाव और आर्थिक अनिश्चितता का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों में नेतृत्व में लगातार बदलाव देखने को मिला, जिससे नीतिगत अनिश्चितता भी बढ़ी. इसके बावजूद भारत स्थिरता के साथ आगे बढ़ा और आर्थिक उम्मीद का एक मजबूत केंद्र बना.
उन्होंने मोदी के नेतृत्व को लोगों के भरोसे से जोड़ते हुए कहा कि 25 वर्षों तक स्थिर नेतृत्व सिर्फ राजनीति के दम पर कायम नहीं रह सकता. इसके लिए जनता का विश्वास जरूरी है. नायडू ने मोदी की व्यक्तिगत ईमानदारी और आत्म-अनुशासन को भी उनके नेतृत्व की प्रमुख विशेषताओं में गिनाया.
हाईवे, एयरपोर्ट और रिन्यूएबल एनर्जी का दिया उदाहरण
आंध्रा सीएम ने भारत में पिछले एक दशक के दौरान हुए बुनियादी ढांचे के विस्तार को भी मोदी सरकार के नेतृत्व से जोड़ा. उन्होंने कहा कि 2014 में करीब 91,287 किलोमीटर का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क अब 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक हो चुका है. इसी तरह देश में हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 160 से अधिक हो गई है.
उन्होंने रेलवे विद्युतीकरण में तेजी और अक्षय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि का भी उल्लेख किया. नायडू के मुताबिक भारत की स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता बड़े जलविद्युत संयंत्रों सहित करीब 296 गीगावाट तक पहुंच गई है, जबकि सौर ऊर्जा क्षमता 168 गीगावाट को पार कर चुकी है.
नायडू ने पीएम गति शक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत में बुनियादी ढांचे को अलग-अलग परियोजनाओं के तौर पर नहीं, बल्कि एक एकीकृत राष्ट्रीय नेटवर्क के रूप में देखा जा रहा है.
तकनीक को राष्ट्र निर्माण का हथियार बनाया
चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी की तकनीक को लेकर सोच की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि मोदी उभरती तकनीकों को समझते हैं और उन्हें राष्ट्र निर्माण, बेहतर शासन, लोगों के सशक्तिकरण और विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं.
उन्होंने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम मिशन, सेमीकंडक्टर मिशन और पीएलआई योजनाओं को इसी सोच का उदाहरण बताया. नायडू ने कहा कि भारत ने तकनीक के जरिए बैंकिंग, कल्याणकारी योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच को बड़े स्तर पर बढ़ाया है.
स्पेस सेक्टर में निजी कंपनियों के प्रवेश का जिक्र
नायडू ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका को भी महत्वपूर्ण बदलाव बताया. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी उद्यमों के लिए खोलने से नई पीढ़ी के उद्यमियों के लिए अवसर पैदा हुए हैं.
उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस, पिक्सल, अग्निकुल, ध्रुव और बेलाट्रिक्स जैसी कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा कि अनुकूल नीतियों और नवाचार के माहौल से युवा भारतीयों की क्षमताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला है.
‘टीम इंडिया’ और राज्यों की भूमिका पर जोर
नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘टीम इंडिया’ में मजबूत विश्वास है. भारत का विकास सिर्फ दिल्ली से नहीं किया जा सकता. इसके लिए राज्यों और शहरों को भी विकास की प्रक्रिया में आगे आना होगा. उन्होंने मोदी के सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद पर जोर का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे भारत की विकास यात्रा में राज्यों की भूमिका बढ़ी है.
‘दुनिया में भारत की आवाज को ज्यादा सम्मान’
नायडू ने कहा कि मोदी के कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति भी मजबूत हुई है. आज वैश्विक मंचों पर भारत की आवाज को अधिक सम्मान के साथ सुना जाता है. भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए अलग-अलग वैश्विक शक्तियों के साथ संबंध बनाए रखता है और रणनीतिक स्वायत्तता के साथ अपनी साझेदारियों को मजबूत कर रहा है.
उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, लेकिन देश की विकास यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण दौर अभी बाकी है.
भारत को उसकी संभावनाओं पर विश्वास करना सिखाया
नायडू ने कहा कि भारत के पास जनसांख्यिकीय लाभांश, उद्यमशील ऊर्जा, तकनीकी क्षमता और महत्वाकांक्षी युवा आबादी जैसी बड़ी ताकतें हैं. अगर इस समय सही फैसले लिए गए तो उनका लाभ आने वाली सदियों तक मिल सकता है.
उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री बनने वाले नरेंद्र मोदी और आज भारत का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री मोदी के बीच सबसे बड़ी समानता उनके उद्देश्य की स्पष्टता और भारत की क्षमता पर अटूट विश्वास है.
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नायडू ने अपने लेख के अंत में कहा कि 25 वर्षों ने मोदी का रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है, लेकिन अगले 20 वर्ष भारत की इतिहास में जगह तय कर सकते हैं. उनके मुताबिक मोदी का सबसे बड़ा योगदान अंततः यह हो सकता है कि उन्होंने भारत को एक बार फिर अपनी क्षमताओं और संभावनाओं के बड़े पैमाने पर विश्वास करना सिखाया और उस विश्वास को हकीकत में बदलने के लिए नेतृत्व दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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