Supreme court
Noida News: नोएडा के गौतमबुद्ध नगर के डीएम मेधा रूपम को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत बरकरार रखने का निर्देश दिया है. कोर्ट चार सप्ताह बाद मामले में अगली सुनवाई करेगा. जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की बेंच दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है.
फैसले पर रोक लगाने से इनकार
कोर्ट ने मेधा रूपम को अंतरिम राहत देते हुए अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि गौतम बुद्ध नगर के डीएम मेधा रूपम की याचिका पर रोक सिर्फ इलाहाबाद हाईकोर्ट की उन टिप्पणियों और मुआवजा देने के निर्देश पर है, जो अधिकारी के खिलाफ की गई थी. ये टिप्पणियां और निर्देश छात्रा आकृति चौधरी के मामले में थे, जिन्हें नोएडा में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के दौरान नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था. हालांकि कोर्ट ने आकृति चौधरी की हिरासत को रद्द करने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.
कोर्ट ने संबंधित पार्टी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
कोर्ट ने डीएम मेधा रूपम की सैलरी से छात्रा को 5 लाख रुपए मुआवजा देने के हाई कोर्ट के आदेश पर भी रोक लगा दिया था. इतना ही नहीं कोर्ट ने संबंधित पार्टी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर हिरासत का फैसला कई अधिकारियों से होकर गुजरने वाली प्रक्रिया के तहत लिया गया था, तो जिलाधिकारी को इस पूरी प्रक्रिया से अलग नहीं रखा जा सकता है. इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर के जिला अधिकारी मेधा रूपम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रा अकृति चौधरी को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.
5 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश
हाई कोर्ट ने आकृति चौधरी पर लगाए गए एनएसए को रद्द कर दिया था. हाईकोर्ट ने हिरासत को मनमाना और अष्पष्ट बताया है. आकृति को अप्रैल में नोएडा में हुए मजदूरों के प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार किया गया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आकृति चौधरी की गैरकानूनी हिरासत के लिए 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में इस रकम की वसूली गौतम बुद्ध नगर की जिलाधकारी मेधा रूपम के वेतन से करने का निर्देश दिया गया है. हाई कोर्ट ने डीएम की कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि हिरासत का आदेश बिना ठीक से सोचे समझे जारी किया गया.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ना सिर्फ आकृति चौधरी को पांच लाख रुपए हर्जाना देने का आदेश दिया है, बल्कि उसकी वसूली पुलिस एसएचओ से डीएम मेधा रूपम तक एनएसए लगाने में शामिल अधिकारियों के वेतन करने को कहा है. कोर्ट ने मेधा रूपम समेत इन सभी अधिकारियों की सर्विस रिकॉर्ड में कोर्ट की नाराजगी दर्ज करने का भी आदेश दिया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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