राजनीति छोड़ने का किया ऐलान
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव संपन्न होने के बाद आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता और मुर्शिदाबाद के नवादा क्षेत्र से विधायक हुमायूं कबीर ने राजनीति से दूरी बनाने का ऐलान कर दिया. बुधवार को उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें वह बेहद भावुक नजर आए. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने रेजीनगर के सभी समुदायों और वर्गों के लोगों से माफी मांगी और कहा कि आने वाले समय में वह राजनीति समेत सार्वजनिक जीवन की अन्य गतिविधियों से भी खुद को अलग कर लेंगे.
चुनाव प्रक्रिया पर उठाए गंभीर सवाल
हुमायूं कबीर ने केवल संन्यास की घोषणा ही नहीं की बल्कि उपचुनाव को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए. उनका कहना था कि रेजीनगर में चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं हुआ और मतदान के नाम पर अनियमितताएं हुई हैं. उन्होंने राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी तीखा हमला बोला. इसी दौरान उन्होंने कहा कि जब तक शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने रहेंगे, तब तक वह विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे.
मतदान वाले दिन पुलिस ने लिया था हिरासत में
मंगलवार को मतदान के दौरान हुमायूं कबीर विवादों में आ गए थे. चुनाव के दिन सुबह पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था. हालांकि देर शाम उन्हें छोड़ भी दिया गया. उन पर आरोप था कि मतदान केंद्र से बाहर निकलने के बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की और मतदाताओं को प्रभावित करने तथा उकसाने की कोशिश की. इसी मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी.
बेटे की उम्मीदवारी और बीजेपी पर आरोप
रेजीनगर सीट पर हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे. मतदान समाप्त होने के बाद हुमायूं ने दावा किया था कि नतीजों की तस्वीर उसी दिन साफ हो जाएगी. उस समय उन्होंने बीजेपी पर चुनाव में धांधली करने का आरोप भी लगाया था. हालांकि एक दिन बाद उनका रुख पूरी तरह बदला हुआ नजर आया और वह भावुक होकर अपनी बात रखते दिखाई दिए.
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नवादा की जनता से मांगी माफी
हुमायूं कबीर ने कहा कि रेजीनगर सीट पर बीजेपी भारी अंतर से जीत दर्ज करेगी. साथ ही उन्होंने विधानसभा में दोबारा कदम न रखने की बात भी दोहराई. इस फैसले के लिए उन्होंने नवादा की जनता से क्षमा मांगी और कहा कि वह अपनी इच्छा से राजनीति छोड़ रहे हैं. उनका कहना था कि मौजूदा लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज्य के खिलाफ कोई लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती. बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वह मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण करवाने का प्रयास करेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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