Adani Enterprises Credit Rating: क्रेडिट रेटिंग एजेंसी CareEdge ने अडानी समूह की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) की क्रेडिट रेटिंग में बड़ा सुधार करते हुए इसे ‘CARE AA’ कर दिया है, जबकि आउटलुक को ‘स्टेबल’ रखा गया है. वहीं, कंपनी की शॉर्ट-टर्म रेटिंग को ‘CARE A1+’ पर बरकरार रखा गया है.
CareEdge की ओर से अडानी एंटरप्राइजेज को दी गई यह अब तक की सबसे ऊंची रेटिंग है. यह अपग्रेड कंपनी की वित्तीय देनदारियों को समय पर पूरा करने की क्षमता में उच्च स्तर की सुरक्षा और निकट भविष्य में साख के स्थिर रहने का साफ संकेत देता है.
इंक्यूबेशन रणनीति की सफलता पर मुहर(Adani Enterprises Credit Rating)
CareEdge के अनुसार, यह अपग्रेड कंपनी की मजबूत होती वित्तीय स्थिति, बेहतर कमाई की संभावनाओं और पूंजी जुटाने की क्षमता को दर्शाता है. एजेंसी ने इसे अडानी एंटरप्राइजेज की करीब 10 साल पुरानी इंक्यूबेशन रणनीति की स्वतंत्र पुष्टि माना है. इसके तहत कंपनी ने एयरपोर्ट्स, रिन्यूएबल एनर्जी, रोड्स, माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में नए कारोबार खड़े किए.
एजेंसी का कहना है कि अडानी एंटरप्राइजेज के कई प्रमुख बिजनेस अब शुरुआती निवेश व विस्तार के चरण से निकलकर मजबूत परिचालन नकदी प्रवाह (Operating Cash Flow) और मुनाफे की स्थिति में पहुंच रहे हैं.
QIP और एयरपोर्ट सौदे से बढ़ी वित्तीय क्षमता
रेटिंग में यह सुधार जुलाई 2026 में अडानी एंटरप्राइजेज द्वारा ‘योग्य संस्थागत नियोजन’ (QIP) प्रक्रिया के जरिए जुटाए गए 15,000 करोड़ रुपये के बाद हुआ है. इसके अलावा, ‘अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स’ में नए निवेशकों को शामिल करने के दौरान एयरपोर्ट कारोबार का प्री-मनी मूल्यांकन लगभग 1.67 लाख करोड़ रुपये आंका गया. इन दोनों बड़े वित्तीय लेनदेन से कंपनी की पूंजी उपलब्धता और वित्तीय लचीलेपन (Financial Flexibility) में महत्वपूर्ण सुधार आया है.
1.33 लाख करोड़ रुपये का CapEx प्लान
मजबूत बैलेंस शीट और वित्तीय तरलता के दम पर कंपनी वित्त वर्ष 2027 से वित्त वर्ष 2029 (FY27-FY29) के दौरान एयरपोर्ट्स, रोड्स, पीवीसी, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में करीब 1.33 लाख करोड़ रुपये के बड़े पूंजीगत खर्च (CapEx) की योजना पर आगे बढ़ रही है.
वित्त वर्ष 2027 से कमाई में भारी उछाल की उम्मीद
CareEdge को उम्मीद है कि FY27 से कंपनी की कमाई में और तेजी आएगी. इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
कच्छ कॉपर प्रोजेक्ट: कच्छ तांबा कारोबार के विस्तार में तेजी.
एयरपोर्ट रेवेन्यू: हवाई अड्डों से होने वाली नॉन-एरोनॉटिकल आय में वृद्धि और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन का विस्तार.
ग्रीन एनर्जी: सोलर मॉड्यूल और सोलर सेल की विनिर्माण क्षमता को बढ़ाकर 10 गीगावाट (GW) करने की योजना.
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कानूनी चिंताओं में कमी और मजबूत तिमाही नतीजे
CareEdge ने स्पष्ट किया कि अडानी एंटरप्राइजेज से जुड़ी कानूनी और नियामकीय चिंताएं अब काफी कम हो गई हैं. परियोजनाओं में समय पर कर्ज की व्यवस्था और लगातार प्रगति को देखते हुए अमेरिका से जुड़े कानूनी मामलों का कंपनी की वित्तीय स्थिति या प्रस्तावित CapEx पर कोई बड़ा प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की उम्मीद नहीं है.
वहीं वित्तीय आंकड़ों पर नज़र डालें तो कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में 1.02 लाख करोड़ रुपये की समेकित परिचालन आय और 15,899 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग प्रॉफिट दर्ज किया था. वहीं, चालू वित्त वर्ष (FY27) की पहली तिमाही में कंपनी का परिचालन लाभ मजबूत सुधार के साथ बढ़कर 5,019 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 3,310 करोड़ रुपये था.
-भारत एक्सप्रेस
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