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सर्वपितृ अमावस्या पर ऐन्द्र योग और हस्त नक्षत्र का संयोग, जानें श्राद्ध समापन की विधि, राहुकाल और शुभ मुहूर्त

Aaj Ka Panchang: 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या मनाई जा रही है. आज पितरों के तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य का विशेष महत्व है.

Panchang

Aaj Ka Panchang 10 October 2026: आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 10 अक्टूबर 2026, शनिवार को रात 09:20 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद शारदीय नवरात्र की पावन प्रतिपदा तिथि का आरंभ होगा. आज सर्वपितृ अमावस्या (पितृ विसर्जनी अमावस्या) का महापर्व है, जिसमें पितरों की विदाई और उनके तर्पण का विशेष विधान है.

इसके साथ ही शनिवार का दिन कर्मफलदाता न्याय के देवता भगवान शनिदेव की आराधना के लिए भी समर्पित है.

ऐन्द्र योग और दुर्लभ ग्रहों का महासंयोग(Aaj Ka Panchang)

पंचांग के अनुसार आज रात 09:43 बजे तक हस्त नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू होगा. चंद्रमा पूरे दिन कन्या राशि में संचरण करेंगे. आज के दिन ऐन्द्र योग, लक्ष्मीनारायण योग, परिजात योग, वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग और मेष, कर्क, तुला व मकर राशि के जातकों के लिए विशेष मालव्य योग का महासंयोग बन रहा है. इन दुर्लभ योगों के प्रभाव से आज के दिन धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और पितृ तर्पण करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.

एक नज़र में संपूर्ण पंचांग(Panchang 10 october 2026)

तिथि: आश्विन कृष्ण अमावस्या (रात 09:20 बजे तक), तत्पश्चात शारदीय नवरात्र प्रतिपदा

नक्षत्र: हस्त नक्षत्र (रात 09:43 बजे तक), तत्पश्चात चित्रा

चन्द्र राशि: कन्या राशि

पक्ष व वार: आश्विन कृष्ण पक्ष, शनिवार (सर्वपितृ अमावस्या व शनि देव का वार)

शुभ योग: ऐन्द्र योग, लक्ष्मीनारायण योग, परिजात योग, मालव्य योग व सुनफा योग

शुभ चौघड़िया मुहूर्त और राहुकाल का समय(Aaj Ka shubh muhurat)

आज शनिवार को किसी भी मांगलिक या नए कार्य के आरंभ के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखें. दोपहर 12:15 बजे से 01:30 बजे तक अत्यंत शुभ ‘अभिजीत मुहूर्त’ रहेगा. इसके अलावा दोपहर 02:30 बजे से 03:30 बजे तक लाभ और अमृत का चौघड़िया रहेगा. वहीं, अशुभ राहुकाल सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक रहेगा, जिसमें किसी भी नए निवेश या शुभ कार्य से बचना चाहिए.

सर्वपितृ अमावस्या का विशेष उपाय

शास्त्रों के अनुसार शनिवार के दिन पूर्व दिशा में यात्रा करना शुभ माना गया है, इसलिए आज पूर्व दिशा के लिए यात्रा करना अनुकूल रहेगा. सर्वपितृ अमावस्या के दिन पितरों की तृप्ति के लिए पीपल के पेड़ के नीचे जल, तिल और काले उड़द अर्पित करें. ब्राह्मण को भोजन कराएं या किसी गरीब को अन्न-दान दें, जिससे पितृ दोष शांत होता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

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