अडानी डिफेंस को मिला SIDM Champion Award 2026
Adani Defence SIDM Champion Award 2026: अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस को रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में निर्यात प्रदर्शन के लिए SIDM Champion Award 2026 से सम्मानित किया गया है. यह पुरस्कार नई दिल्ली में आयोजित सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) के आठवें वार्षिक सत्र के दौरान दिया गया. इस उपलब्धि ने कंपनी को देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र में एक बार फिर चर्चा का विषय बना दिया है.
रक्षा मंत्री ने किया सम्मानित
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कंपनी को यह पुरस्कार प्रदान किया. इस अवसर पर रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और डायरेक्टर जनरल (एक्विजिशन) ए. अन्बारसु भी मौजूद रहे. आयोजन के दौरान रक्षा एवं एयरोस्पेस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली कंपनियों और संस्थानों को सम्मानित किया गया.
Adani Defence & Aerospace has been conferred the SIDM Champion Awards 2026 for Export Performance in Defence & Aerospace. A proud milestone in advancing India’s defence exports. #AdaniDefence #MakeInIndia https://t.co/da3clFnw2t
— Adani Defence and Aerospace (@AdaniDefence) October 10, 2026
15 श्रेणियों में दिए गए पुरस्कार
SIDM की ओर से कुल 15 पुरस्कार प्रदान किए गए. इन पुरस्कारों का उद्देश्य तकनीकी नवाचार, उत्पाद विकास, डिजाइन क्षमता, आयात पर निर्भरता कम करने, उच्च गुणवत्ता वाले निर्माण और निर्यात प्रदर्शन को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं को सम्मानित करना था.
कानपुर में है अत्याधुनिक एम्युनिशन कॉम्प्लेक्स
अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक बड़े एम्युनिशन मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स का संचालन करती है. इस यूनिट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 30 करोड़ राउंड गोला-बारूद की है. यहां NATO मानकों के अनुरूप एम्युनिशन तैयार किया जाता है, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने में योगदान दे रहा है.
निजी क्षेत्र की भूमिका बढ़ाने पर जोर
वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पादन में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट में ज्यादा निवेश और विनिर्माण क्षमता में विस्तार बेहद जरूरी है.
कंपनी ने जताई खुशी
अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने कहा कि यह सम्मान भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत बनाने के लिए किए गए प्रयासों की पहचान है. उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य भारत में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर उन्हें वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना है.
तकनीक से मजबूत हो रहा उत्पादन
राजवंशी ने बताया कि कंपनी भविष्य में भी आधुनिक तकनीक और घरेलू उत्पादन पर निवेश जारी रखेगी. उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र की बदलती मांगों के अनुरूप उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
डिजिटल सिस्टम से बढ़ी दक्षता
कंपनी के अनुसार कानपुर एम्युनिशन कॉम्प्लेक्स में ऑटोमेटेड प्रोडक्शन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित गुणवत्ता जांच, रियल टाइम डेटा एनालिसिस और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाता है. यहां डिजिटल शॉपफ्लोर खतरनाक सामग्री की मैनुअल हैंडलिंग को कम करता है और सुरक्षा प्रणाली पूरे उत्पादन चक्र की ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करती है.
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डिफेंस एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत अधिक है. सरकार ने वर्ष 2029 तक सालाना रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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