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‘भरोसेमंद आंकड़े और पारदर्शी शासन ही भारत की असली ताकत’ गौतम अदानी ने की माइकल ब्लूमबर्ग के विजन की तारीफ

Gautam Adani: अदानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदानी ने बुधवार को भारत के विकास को लेकर ब्लूमबर्ग के सह-संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग की सोच को अहम बताया. उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ भरोसेमंद आंकड़ों, पारदर्शी शासन और सभी को साथ लेकर चलने वाली विकास नीति की जरूरत है.

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गौतम अदानी ने की माइकल ब्लूमबर्ग के विजन की तारीफ

Gautam Adani: अदानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदानी ने बुधवार को भारत के विकास को लेकर ब्लूमबर्ग के सह-संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग की सोच को अहम बताया. उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ भरोसेमंद आंकड़ों, पारदर्शी शासन और सभी को साथ लेकर चलने वाली विकास नीति की जरूरत है.

गौतम अदानी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के दौरान माइकल ब्लूमबर्ग से हुई मुलाकात का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि किसी भी नेतृत्व की असली पहचान सिर्फ आज की उपलब्धियों से नहीं, बल्कि इस बात से होती है कि वह भविष्य में इंसान की क्षमताओं को कितना आगे बढ़ाने के लिए काम करता है.

अदानी के मुताबिक, किसी देश को आगे बढ़ाने के लिए बंदरगाह, बिजली पहुंचाने वाले नेटवर्क, ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़ी सुविधाएं, कंप्यूटिंग सेंटर और परिवहन व्यवस्था जैसे मजबूत बुनियादी ढांचे की जरूरत होती है. इसके साथ ही भरोसेमंद आंकड़े और जवाबदेही तय करने वाली संस्थाएं भी जरूरी हैं.

उन्होंने कहा कि भारत जैसे विकासशील देशों को लाखों लोगों की आर्थिक सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए बिजली उत्पादन, औद्योगिक क्षमता और डिजिटल सुविधाओं का तेजी से विस्तार करना होगा. वहीं, विकसित देशों के वित्तीय बाजारों में कार्बन उत्सर्जन कम करने और नियमों के बीच तालमेल बनाने पर ज्यादा जोर दिया जाता है.

सस्ती और भरोसेमंद स्वच्छ ऊर्जा जरूरी

गौतम अदानी ने कहा कि विकासशील और विकसित देशों की प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं, लेकिन दोनों इस बात से सहमत हैं कि स्वच्छ ऊर्जा सस्ती और भरोसेमंद होनी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऊर्जा बदलाव से आम परिवारों और छोटे कारोबारियों का खर्च बढ़ता है या उद्योगों के विकास में रुकावट आती है, तो यह प्रक्रिया सफल नहीं हो पाएगी.

उन्होंने यह भी कहा कि जलवायु से जुड़े बढ़ते खतरों के बीच पुरानी व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना सही नहीं है. सरकारों, निवेशकों और उद्योगों को मिलकर काम करना होगा, ताकि हरित ऊर्जा की लागत कम हो और लोग इसे अपनी पहली पसंद बना सकें.

भारत के विकास में ब्लूमबर्ग के योगदान की तारीफ

अदानी ने भारत के साथ माइकल ब्लूमबर्ग के तीन दशक लंबे जुड़ाव और उनके परोपकारी कार्यों की भी तारीफ की. उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधुनिक विनिर्माण और हरित बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने में उनके योगदान का जिक्र किया.

दोनों के बीच धारावी के पुनर्विकास को लेकर भी चर्चा हुई. इस दौरान अदानी ने कहा कि विकास के साथ लोगों की आजीविका की रक्षा करना भी जरूरी है. इसके अलावा, लोगों को जलवायु के खतरों का सामना करने में सक्षम घर, बेहतर साफ-सफाई और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना भी अहम है.

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अदानी ने कहा कि देश के निर्माण और विकास के लिए लंबे समय तक निवेश, योजनाओं को सही तरीके से लागू करने की क्षमता, पारदर्शी शासन और स्थानीय स्तर पर सक्षम नेतृत्व जरूरी है.

-भारत एक्सप्रेस



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