आसाराम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में नवंबर में सुनवाई होगी
Asaram Bapu News: यौन उत्पीड़न के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए नवंबर का समय तय किया है. साथ ही, मामले से जुड़े ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड भी तलब किए हैं. आसाराम अभी अंतरिम जमानत पर बाहर हैं, जिसकी अवधि 27 अक्टूबर को खत्म हो रही है. ऐसे में नवंबर में होने वाली सुनवाई उनके लिए अहम मानी जा रही है.
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है. अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि निचली अदालत से संबंधित रिकॉर्ड मंगाए जाएं. इसके अलावा राजस्थान सरकार और पीड़िता को भी इन रिकॉर्ड की कॉपी उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि सुनवाई के दौरान मामले के सभी जरूरी पहलुओं पर विचार किया जा सके.
पत्नी से मिलने के लिए मांगी नियमित जमानत
आसाराम ने अपनी बीमार पत्नी से मिलने के लिए नियमित जमानत की मांग की है. इससे पहले गुजरात हाई कोर्ट उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर चुका है. आसाराम ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. राजस्थान हाई कोर्ट ने निचली अदालत की ओर से सुनाई गई उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था.
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही संकेत दे चुका है कि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत देने पर विचार किया जा सकता है. हालांकि, इसके लिए उनकी मेडिकल रिपोर्ट और स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति का आकलन जरूरी है.
मेडिकल रिपोर्ट पर भी अदालत की नजर
पिछली सुनवाई के दौरान एम्स ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें चौबीसों घंटे चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता है. इसके बाद अदालत ने एम्स को उनकी सेहत की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से भी मेडिकल रिपोर्ट का आकलन कर यह बताने को कहा था कि क्या आसाराम की हालत इतनी गंभीर है कि उन्हें इलाज के लिए कुछ समय की अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए. अदालत ने स्पष्ट किया था कि वह राज्य की रिपोर्ट और मेडिकल आकलन के आधार पर फैसला करेगी.
सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दावा किया था कि आसाराम की हालत ठीक है. उन्होंने कहा था कि आसाराम करीब तीन महीने पहले अयोध्या और काशी विश्वनाथ गए थे और वहां पैदल भी चले थे. हालांकि, अदालत ने यह भी साफ किया था कि अगर मेडिकल रिपोर्ट में उनकी हालत गंभीर पाई जाती है, तो इलाज के लिए सीमित अवधि की राहत पर विचार किया जा सकता है.
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2013 के मामले में काट रहे उम्रकैद की सजा
आसाराम को गांधीनगर की अदालत ने 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. राजस्थान हाई कोर्ट से उन्हें पहली बार 7 जनवरी 2025 को स्वास्थ्य के आधार पर 31 मार्च 2025 तक अंतरिम जमानत मिली थी. बाद में राहत की अवधि बढ़ाई गई और 29 अक्टूबर 2025 को उन्हें छह महीने की अतिरिक्त अंतरिम जमानत दी गई थी. अब सुप्रीम कोर्ट में नवंबर में होने वाली सुनवाई के दौरान उनकी जमानत याचिका और मेडिकल स्थिति से जुड़े पहलुओं पर आगे विचार किया जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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