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‘आपसे कुछ नहीं हो रहा है तो इस्तीफा दे दीजिए’, राघोपुर में तेजस्वी यादव पर लोगों का फुटा गुस्सा

Bihar News: राघोपुर नाव हादसे के बाद पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे तेजस्वी यादव का ग्रामीणों ने विरोध किया. 13 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद लोगों ने सड़क, राहत व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर नाराजगी जताई.

Protest against Tejashwi Yadav following the Raghopur boat accident

राघोपुर नाव हादसे के बाद तेजस्वी यादव का विरोध

Bihar News: वैशाली जिले के राघोपुर दियारा में हुए भीषण नाव हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और नाराजगी का माहौल बना हुआ है. गंगा नदी में नाव डूबने की इस दर्दनाक घटना में 13 से ज्यादा लोगों की जान चली गई. जिसमें कई मासूम बच्चे भी शामिल थे. हादसे के बाद से गांवों में मातम पसरा है और लोग अपने प्रियजनों को खोने के दुख से उबर नहीं पा रहे है. इसी बीच घटना के लगभग 24 घंटे बाद नेता प्रतिपक्ष और स्थानीय विधायक तेजस्वी यादव पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे जहां उन्हें लोगों की कड़ी नाराजगी का सामना करना पड़ा.

गांव पहुंचते ही लोगों ने घेर लिए

राघोपुर के रामपुर श्यामचंद गांव में तेजस्वी यादव के पहुंचते ही वहां मौजूद ग्रामीणों ने खुलकर अपना गुस्सा जाहिर किया. अपनों को खो चुके परिवारों का कहना था कि इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बाद भी उनके जनप्रतिनिधि को मौके तक पहुंचने में पूरा एक दिन लग गया. शोकग्रस्त लोगों ने उनसे सीधे सवाल पूछे और क्षेत्र की बदहाल स्थिति को लेकर जवाब मांगा.

इस्तीफे तक की उठी मांग

विरोध कर रहे ग्रामीणों ने तेजस्वी यादव के सामने इलाके की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया. लोगों ने कहा कि क्षेत्र में आज तक बुनियादी सुविधाओं का पर्याप्त विकास नहीं हो पाया है. कुछ ग्रामीणों ने नाराजगी में यहां तक कह दिया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है तो उन्हें विधायक पद छोड़ देना चाहिए. लोगों का कहना था कि राघोपुर में आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं ठीक ढंग से उपलब्ध नहीं हैं, जबकि वर्षों से वही यहां के विधायक हैं.

हादसे ने फिर उजागर की पुरानी परेशानियां

ग्रामीणों कि माने तो इस दुखद घटना ने एक बार फिर दियारा क्षेत्र की पुरानी समस्याओं को सामने ला दिया है. कई गांव अब भी बेहतर सड़क संपर्क से वंचित हैं, जिसके कारण आपात स्थिति में राहत पहुंचाने में कठिनाई होती है. लोगों का आरोप है कि वर्षों से विकास और सुरक्षा संबंधी मुद्दे उठते रहे हैं लेकिन हालात में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया. उनके अनुसार, हादसे ने यह भी दिखा दिया कि आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत व्यवस्था कितनी कमजोर स्थिति में है.

मृतकों के परिजनों से मिले नेता प्रतिपक्ष

ग्रामीणों की नाराजगी के बावजूद तेजस्वी यादव ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया. इस दौरान उन्होंने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की और परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं.

प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल

पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए. उनका कहना था कि हादसे के बाद स्वास्थ्य सेवाएं अपेक्षित स्तर पर नजर नहीं आईं. उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पतालों में जरूरी संसाधनों की कमी थी और एम्बुलेंस तक में पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि यदि SDRF और NDRF की टीमें समय पर घटनास्थल पर पहुंचतीं तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी. साथ ही उन्होंने राहत और बचाव अभियान में हुई देरी की जांच कराने की मांग भी उठाई.

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मुआवजे के साथ पुनर्वास की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की. इसके अलावा उन्होंने प्रभावित परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने की भी बात कही. उनका कहना था कि ऐसे परिवारों को केवल मुआवजा देकर नहीं छोड़ा जाना चाहिए, बल्कि उनके स्थायी पुनर्वास की दिशा में भी सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में उन्हें बेहतर जीवन जीने का अवसर मिल सके.

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-भारत एक्सप्रेस



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