Women Empowerment: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण और बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत गोरखपुर में एक प्रेरणादायी पहल सामने आई है. पुलिस प्रशासन की कार्यशैली से रूबरू कराने और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए 12वीं कक्षा की दो मेधावी छात्राओं को एक दिन का पुलिस अधिकारी बनाया गया. इन छात्राओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय में बैठकर आम नागरिकों और फरियादियों की समस्याएं सुनीं तथा उनके समाधान के निर्देश दिए.
एसएसपी और एसपी नॉर्थ के साथ जनसमस्याओं की सुनवाई
गोरखपुर के जंगल धूसड़ स्थित एकेडमिक ग्लोबल स्कॉलर स्कूल में कक्षा 12 की छात्रा नैन्सी तिवारी और घृती तिवारी ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर कमान संभाली. छात्राओं ने एसएसपी डॉ. कौस्तुभ और एसपी नॉर्थ राजेश गुणावत के साथ बैठकर जनसुनवाई में हिस्सा लिया. एक दिन की अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर दोनों छात्राओं ने दर्जनों मामलों को ध्यानपूर्वक सुना और कई शिकायतों का मौके पर ही विधिक निस्तारण सुनिश्चित कराया.
छात्राओं में आत्मविश्वास और प्रशासनिक समझ होगी विकसित
इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करना है. इसके साथ ही छात्राओं को पुलिस की वास्तविक कार्यप्रणाली, महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और आपातकालीन सेवाओं के संचालन तंत्र से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना भी अभियान का प्रमुख लक्ष्य है.
‘बेहतर पुलिसिंग और युवा सशक्तीकरण का सपना होगा साकार’: एसपी नॉर्थ
पहल को लेकर एसपी नॉर्थ राजेश गुणावत ने कहा कि इस तरह के अभिनव प्रयोगों से युवाओं और विशेषकर छात्राओं के भीतर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर झिझक खत्म होती है और नया आत्मविश्वास पैदा होता है. उन्होंने कहा कि जब नई पीढ़ी पुलिसिंग के तौर-तरीकों को करीब से समझती है, तो नागरिक-पुलिस संबंधों में पारदर्शिता आती है और समाज में बेहतर व संवेदनशील पुलिसिंग का सपना साकार होता है.
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