Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

‘भारत में भी सत्ता बदले…’, प्रशांत भूषण-नेहा बोरा के ‘रिजीम चेंज’ बयानों से छिड़ा विवाद, बांग्लादेश मॉडल के सुर अलापे

Delhi Protest News: राहुल गांधी की समर्थक नेहा बोरा बोलीं- ‘बांग्लादेश ने हमें एक रास्ता दिखाया है’; प्रशांत भूषण ने कहा- ‘हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं. भारत में युवाओं को प्रदर्शन के जरिए ये करके दिखाना होगा.’ नीलकांत बख्शी ने दोनों पर सवाल उठाए हैं.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के बयानों ने राजनीतिक विवाद को नया रूप दे दिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयानों को लेकर सत्ताधारी दल भाजपा ने विपक्ष और उसके ‘इकोसिस्टम’ पर बांग्लादेश मॉडल पर आधारित ‘रिजीम चेंज’ की साजिश का आरोप लगाया है.

बीजेपी समर्थक नीलकांत बख्शी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए एक्टिविस्ट और वकील प्रशांत भूषण तथा विपक्ष के नेताओं की आलोचना की है. उन्होंने भारत में ‘सत्ता परिवर्तन’ की मांग करने को लेकर उन पर सवाल उठाए हैं.

इस पोस्ट में एक वीडियो है, जिसमें प्रशांत भूषण और एक्टिविस्ट नेहा बोरा की टिप्पणियां शामिल हैं. इन दोनों ने बांग्लादेश में 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए विद्रोह को राजनीतिक बदलाव के एक मॉडल के रूप में पेश किया था.

नेहा बोरा ने बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था, “हम जानते हैं कि इस देश में हर जगह जो जेन-जेड आंदोलन हम देख रहे हैं, उसकी शुरुआत सबसे पहले बांग्लादेश में हुई. आपको बधाई कि आपने हमें रास्ता दिखाया, और इस देश के युवाओं के प्रति एकजुटता जताई.” उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश का आंदोलन लोकतांत्रिक और मतदाता अधिकारों के लिए था, और भारत में युवा भी उसी तरह लोकतांत्रिक व वोटिंग अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने बांग्लादेशी छात्रों को ‘रेड सैल्यूट’ भी दिया.

प्रशांत भूषण, नेहा बोरा और कॉकरोच जनता पार्टी का रूख

इसके अगले दिन दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत भूषण, नेहा बोरा और कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके के साथ मौजूद थे. भूषण ने साफ कहा, “सत्ता परिवर्तन जरूर होगा. हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं. इसमें गलत क्या है? रिजीम चेंज हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है.” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी लोकतंत्र को कुचलने पर तुली हुई है.

Neha Bora Prashant Bhushan

बांग्लादेश मॉडल का जिक्र छिड़ते ही बहस और तेज

सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि विपक्ष और कॉकरोच पार्टी को पता है कि वे मतदान के माध्यम से जनता का जनादेश नहीं जीत सकते, इसलिए अब सत्ता के लिए किसी भी तरीके से प्रयास हो रहे हैं. कल ही बांग्लादेश मॉडल का जिक्र सामने आने के बाद यह बहस और तेज हो गई है. आलोचक कह रहे हैं कि जब बैलट बॉक्स में जीत मुश्किल लगे तो फोकस रिजीम चेंज पर शिफ्ट हो जाता है.

भाजपा नेताओं ने इसे राहुल गांधी और उनके सहयोगियों की ‘अराजकता’ की मंशा बताया है. वहीं प्रदर्शनकारी पक्ष इसे लोकतंत्र बचाने की लड़ाई करार दे रहा है. लोकतंत्र में सत्ता जनता के जनादेश से आनी चाहिए, न कि ऐसे राजनीतिक हथकंडों से जो जनविश्वास या राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाएं. यह विवाद जारी है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं.

‘भारत अगले 20-25 वर्षों तक दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था रहेगा’: पीयूष गोयल का बड़ा बयान



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital