Earthquake Today: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर कुदरत का कहर और धरती के कांपने का सिलसिला शुरू हो गया है. आज यानी शनिवार (17 अक्टूबर 2026) की सुबह-सुबह तड़के शिमला में अचानक आए तेज भूकंप के झटकों से लोग बुरी तरह सहम गए. सुबह ठीक 4 बजकर 36 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 दर्ज की गई.
गनीमत यह रही कि इस अचानक आए झटके से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है, लेकिन लोगों की नींद उड़ गई.
जमीन से 10 किमी नीचे था केंद्र(Earthquake Today)
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) से मिली जानकारी के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र शिमला में जमीन से महज 10 किलोमीटर की गहराई में था. धरती हिलने का यह सिलसिला कुछ ही सेकंड तक चला, लेकिन अचानक आए इस कंपन से घबराकर तमाम लोग अपने घरों और कमरों से बाहर निकल आए और खुले आसमान के नीचे सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए. कंपन थमने के काफी देर बाद जब स्थिति सामान्य हुई, तब लोग वापस अपने घरों के अंदर लौटे.
महज 5 दिन पहले चंबा में भी डोली थी धरती
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार हलचल देखने को मिल रही है. इससे ठीक 5 दिन पहले भी प्रदेश के चंबा जिले में धरती डोली थी, जिसका केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर की गहराई में था. पहाड़ी इलाकों में लगातार आ रहे इन हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंपों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
कितने खतरनाक होते हैं ऐसे भूकंप?
विशेषज्ञों के अनुसार, 2.0 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंपों को ‘माइक्रो भूकंप’ कहा जाता है, जिनके झटके इतने हल्के होते हैं कि आम तौर पर लोग इन्हें महसूस ही नहीं कर पाते. हालांकि, जब तीव्रता 4.5 या उससे ज्यादा हो जाती है, तो झटके साफ तौर पर महसूस होते हैं और इससे इमारतों व घरों को भारी नुकसान पहुँच सकता है. 4.1 तीव्रता का यह ताजा झटका इस बात की चेतावनी है कि पहाड़ी क्षेत्रों में कभी भी किसी बड़े खतरे से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरतनी बेहद जरूरी है.
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