नवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर में मां दुर्गा की भक्ति का माहौल है. मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना हो रही है और भक्त माता रानी का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मां कालरात्रि को नमन करते हुए देशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और नई ऊर्जा की कामना की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देवी की स्तुति से जुड़ा एक ओडिया भजन भी साझा किया.
प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में मां कालरात्रि की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि माता के आशीर्वाद से हर किसी का जीवन नई ऊर्जा और आत्मविश्वास से भर जाए. उन्होंने यह भी प्रार्थना की कि देवी मां की कृपा से सभी के जीवन में सुख-समृद्धि आए.
पीएम मोदी ने साझा किया मां दुर्गा की स्तुति वाला भजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स पोस्ट के साथ यूट्यूब पर मौजूद एक भजन का लिंक साझा किया. यह भजन ज्योतिर्मयी नायक और अंतरा चक्रवर्ती ने गाया है. ‘दुर्गा पूजा स्पेशल’ नाम के इस भजन में मां दुर्गा की महिमा का गुणगान किया गया है. इसमें देवी के अलग-अलग स्वरूपों की स्तुति के जरिए उनकी शक्ति और दिव्यता को दर्शाया गया है.
नवरात्रि में आज मां कालरात्रि की विशेष उपासना का दिन है। उनके आशीर्वाद से सभी का जीवन नई ऊर्जा और नए आत्मविश्वास से आलोकित हो। देवी मां की दिव्य कृपा से सबकी समृद्धि हो, यही प्रार्थना है।
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— Narendra Modi (@narendramodi) October 17, 2026
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. हर स्वरूप का अपना अलग महत्व है और भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार माता की आराधना करते हैं. सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा का विशेष विधान है.
कौन हैं मां कालरात्रि और क्यों होती है इनकी पूजा?
शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि का रूप देखने में बेहद उग्र और शक्तिशाली है. उनका वर्ण श्याम है और उनके बाल खुले रहते हैं. गले में विद्युत की तरह चमकने वाली मुंडमाला उनके स्वरूप को और प्रभावशाली बनाती है.
मां कालरात्रि के तीन नेत्र हैं, जिन्हें बेहद तेजस्वी बताया गया है. मान्यता है कि उनकी आंखों से अग्नि की ज्वालाएं निकलती हैं और उनकी सांसों से भी प्रचंड अग्नि उत्पन्न होती है. उनका यह रूप बुराई और नकारात्मक शक्तियों के विनाश का प्रतीक माना जाता है.
मां कालरात्रि की चार भुजाएं हैं. उनके हाथों में खड्ग जैसे अस्त्र और भक्तों को आशीर्वाद देने वाली मुद्राएं दिखाई देती हैं. उनका वाहन गर्दभ यानी गधा है. हालांकि उनका स्वरूप भय पैदा करने वाला माना जाता है, लेकिन भक्तों के लिए वे हमेशा कल्याणकारी हैं. इसी वजह से उन्हें ‘शुभंकरी’ नाम से भी जाना जाता है.
मां कालरात्रि को गुड़ का भोग लगाने की मान्यता
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ बेहद प्रिय है. इस दिन भक्त माता को गुड़ का भोग लगाते हैं और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से मां की पूजा करने से जीवन की परेशानियों का सामना करने की शक्ति मिलती है और मन में साहस बढ़ता है. तांत्रिकों, योगियों और साधकों के लिए भी मां कालरात्रि की उपासना की रात विशेष महत्व रखती है. भक्त इस दिन पूजा-पाठ और मंत्र जाप के जरिए माता का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं.
नवरात्रि का सातवां दिन भक्तों को यह संदेश भी देता है कि मुश्किल परिस्थितियों में डरने के बजाय साहस और विश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए. मां कालरात्रि की आराधना इसी शक्ति, आत्मविश्वास और मानसिक शांति की कामना के साथ की जाती है.
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