कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हादसा
Kolkata Durga Puja Accident: कोलकाता में दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया. सप्तमी की शाम चोरबागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के पंडाल में अचानक अफरा-तफरी फैल गई. मां दुर्गा के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु वहां पहुंचे हुए थे. इसी बीच तेज बारिश शुरू हो गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग एक साथ पंडाल की ओर बढ़ने लगे. हालात बिगड़ते ही भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई लोग घायल हो गए.
घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तत्काल बाहर निकाला गया. सभी को इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया है. बताया जा रहा है कि कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया.
#WATCH | उत्तरी कोलकाता, पश्चिम बंगाल | चोरबगान सार्वजनीन पूजा पंडाल में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है। https://t.co/fvHrvXLxx5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 17, 2026
आयोजकों ने बताई हादसे की वजह
पूजा समिति के पदाधिकारियों के मुताबिक, शाम के समय दर्शनार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी. इसी दौरान मौसम खराब हो गया और बारिश से बचने के लिए लोग तेजी से पंडाल के अंदर जाने लगे. अचानक बढ़ी भीड़ के कारण हालात बेकाबू हो गए. बताया जा रहा है कि यह हादसा करीब शाम साढ़े सात बजे हुआ, जिसमें चार से पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है.
भीड़ इतनी थी कि चलना भी मुश्किल
सप्तमी होने की वजह से पंडाल में श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा था. हालात ऐसे थे कि लोगों को आगे बढ़ने के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था. प्रत्यक्षदर्शियों का मानना है कि मंडप के किसी हिस्से या अस्थायी ढांचे में आई दिक्कत के बाद अचानक दहशत फैल गई, जिससे लोग इधर-उधर भागने लगे.
मंडप का हिस्सा गिरने की आशंका
एक दर्शनार्थी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पंडाल का कोई हिस्सा गिर गया है. इसके बाद लोग जान बचाने के लिए दौड़ने लगे. भगदड़ में कई लोग जमीन पर गिर पड़े और भीड़ की चपेट में आ गए. वहीं एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि बारिश के कारण बड़ी संख्या में लोग एक साथ मंडप में घुसने लगे, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई.
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों और वहां मौजूद आगंतुकों ने भीड़ प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. एक स्थानीय निवासी ने दावा किया कि मौके पर हजारों स्वयंसेवक और पुलिसकर्मी मौजूद थे, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया. उनका कहना था कि लोग अपनी आंखों के सामने यह सब होते देख रहे थे.
पुलिस और पूजा कमेटी पर आरोप
कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान वहां पुलिस की गाड़ी तो मौजूद थी, लेकिन राहत कार्य में शुरुआती मदद स्थानीय लोगों ने की. उनका कहना था कि उस समय पूजा समिति के सदस्य भी नजर नहीं आए. इतना ही नहीं, लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इतनी बड़ी पूजा के बावजूद मौके पर एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी.
वीआईपी व्यवस्था पर भी नाराजगी
आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि इलाके में खड़ी कई गाड़ियों को पहले ही हटवा दिया गया था. उनके मुताबिक, अगर वे वाहन वहां मौजूद रहते तो कम से कम 10 लोगों को तुरंत मदद मिल सकती थी. कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि व्यवस्थाएं मुख्य रूप से वीआईपी मेहमानों के लिए थीं, जबकि आम श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.
हादसे वाले कॉरिडोर पर फोकस
जानकारी के अनुसार, मुख्य मंडप के बाद एक गोलाकार ऊंचा गलियारा बनाया गया था, जहां से बाहर निकलने के लिए लोगों को लगभग 360 डिग्री घूमकर जाना पड़ता था. शुरुआती जानकारी में कहा जा रहा है कि हादसा इसी कॉरिडोर वाले हिस्से में हुआ, जहां अचानक दबाव बढ़ गया था.
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थीम देखने उमड़ रही थी भारी भीड़
चोरबागान सर्वजनिन दुर्गोत्सव समिति ने इस वर्ष अपनी पूजा की थीम ‘अरवा’ रखी थी, जिसे अंग्रेजी में ‘बियॉन्ड साउंड’ कहा गया है. आकर्षक थीम और भव्य सजावट की वजह से पंडाल लगातार चर्चा में था और इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे. यही वजह रही कि सप्तमी की शाम यहां असामान्य रूप से ज्यादा भीड़ देखने को मिली.
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