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Atal Awasiya Yojana: उत्तर प्रदेश में गरीब, निर्माण श्रमिकों और कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ‘अटल आवासीय विद्यालय योजना’ चला रही है. यह योजना विशेष रूप से उन बेटियों के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभरी है, जो आर्थिक तंगी के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाती थीं. नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर बने इन स्कूलों में बेटियों के लिए पढ़ाई से लेकर रहने-खाने तक की सभी सुविधाएं पूरी तरह से मुफ्त हैं.
संक्षेप में कहें तो, अटल आवासीय योजना उत्तर प्रदेश की बेटियों को सशक्त और शिक्षित बनाने का एक बेहतरीन प्रयास है. मुफ्त आवासीय शिक्षा मिलने से न केवल श्रमिकों का आर्थिक बोझ कम हुआ है, बल्कि बेटियों को भी समाज की मुख्यधारा से जुड़कर अपना भविष्य संवारने का एक बड़ा मंच मिला है.
क्या है अटल आवासीय योजना?
अटल आवासीय योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के पंजीकृत (रजिस्टर्ड) निर्माण श्रमिकों के बच्चों और महामारी में अपने माता-पिता को खो चुके अनाथ बच्चों को उच्च स्तरीय आवासीय शिक्षा प्रदान करना है. इस योजना के जरिए बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
सीबीएसई पैटर्न पर मुफ्त पढ़ाई और आधुनिक हॉस्टल
राज्य के अलग-अलग मंडलों और जिलों में स्थापित इन विद्यालयों में कक्षा 6 से 12वीं तक सीबीएसई (CBSE) पैटर्न पर पढ़ाई कराई जाती है. चयनित छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ रहने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस हॉस्टल, किताबें, ड्रेस और पौष्टिक भोजन बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है.
गरीब परिवारों की बेटियों को मिला बड़ा संबल
उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह स्कूल उन बालिकाओं के सपनों को पंख लगा रहे हैं, जिनके परिवार निजी स्कूलों की भारी-भरकम फीस और हॉस्टल का खर्च उठाने में असमर्थ हैं. यहाँ छात्राओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और खेल-कूद से जुड़ी गतिविधियों का भी विशेष ध्यान रखा जाता है.
-भारत एक्सप्रेस
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