खाड़ी देशों से इस वक्त दुनिया को हिला देने वाली सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. सऊदी अरब के सामरिक और आर्थिक रूप से बेहद अहम ठिकानों पर एक के बाद एक भीषण हमले हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में बारूद का धुआं फैल चुका है. दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (King Fahd International Airport) पर हुए घातक हमले और दुनिया के सबसे बड़े तेल साम्राज्य ‘सऊदी अरामको’ (Saudi Aramco) को निशाना बनाए जाने की कोशिशों ने हड़कंप मचा दिया है.
बता दें इस खूनी खेल में अब तक 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि एक भारतीय नागरिक समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं.
किंग फहद एयरपोर्ट पर कोहराम(Attack on King Fahd International Airport)
सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित दम्माम का किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट खाड़ी क्षेत्र का एक प्रमुख विमानन केंद्र है. बुधवार देर रात अचानक हुए इस रहस्यमयी और भीषण हमले ने एयरपोर्ट को थर्रा कर रख दिया. नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, इस हमले में एक सऊदी नागरिक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 8 अन्य लोग बुरी तरह जख्मी हो गए.
हमले के बाद अफरातफरी मच गई और कई उड़ानों को तुरंत डायवर्ट करना पड़ा. हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक की सुई सीधे तौर पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की तरफ घूम रही है.
अरामको का तेल ठिकाना बना निशाना(Attack on Saudi Aramco)
एयरपोर्ट पर हमले से ठीक पहले सऊदी ऊर्जा मंत्रालय को दहलाने वाली एक और खबर आई. देश के दक्षिण-पूर्व में स्थित सऊदी अरामको के एक प्रमुख तेल ठिकाने को ड्रोन से उड़ाने की साजिश रची गई थी. गनीमत यह रही कि सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने वक्त रहते ड्रोन को हवा में ही मार गिराया, लेकिन उसके मलबे ने ऐसी तबाही मचाई कि जमीन पर खड़े वाहनों में आग लग गई.
इस हादसे में नेपाल और फिलीपींस के दो नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए. हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हमले से तेल के उत्पादन और कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा.
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सऊदी की सुरक्षा के दावे करने वाले खामोश
इस बीच भू-राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जो देश और संगठन रियाद की सुरक्षा के नाम पर लंबे-चौड़े दावे करते थे, वे इस संकट के वक्त कहां गायब हैं? इस्लामिक दुनिया का ठेकेदार बनने का दम भरने वाला तुर्कीये और सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए कसमें खाने वाला पाकिस्तान इस भयानक हमले पर पूरी तरह चुप्पी साधकर बैठा है.
पाकिस्तान की फौज और उसके नेता भले ही खाड़ी देशों को सुरक्षा देने का ढिंढोरा पीटते हों, लेकिन जमीन पर हूतियों की एक के बाद एक मिसाइलें सऊदी आसमान को चीर रही हैं और रियाद के मददगार सिर्फ तमाशा देख रहे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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