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उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक बेहद हैरान कर देने वाला और सिस्टम की लापरवाही का अजीबो-गरीब मामला सामने आया है. यहां एक पिता को उस वक्त तगड़ा झटका लगा जब उन्हें पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में उनके हंसते-खेलते जीवित बच्चों को ‘मृत’ घोषित कर दिया गया है. कागजों में बच्चों को मरा हुआ दिखाकर उनके नाम राशन कार्ड से काट दिए गए हैं. इस सनसनीखेज लापरवाही के बाद पीड़ित परिवार परेशान है और न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हो गया है.
कोटेदार के पास खुला भ्रष्टाचार
मामले के मुताबिक, पीड़ित पिता योगेश अपने हिस्से का राशन लेने के लिए इलाके के कोटेदार की दुकान पर पहुंचे थे. जब कोटेदार ने डिजिटल मशीन में पर्ची निकालने के लिए उनका राशन कार्ड चेक किया, तो पता चला कि कार्ड में दर्ज उनके तीन बच्चों में से दो बच्चों के नाम गायब हैं. जब योगेश ने हैरान होकर कोटेदार से इसकी वजह पूछी, तो उसने बताया कि ये नाम उसने नहीं बल्कि ऊपर से अधिकारियों के स्तर पर काटे गए हैं.

जब मामले की और गहराई से पड़ताल की गई तो जो सच सामने आया, उसने सभी के होश उड़ा दिए. सरकारी ऑनलाइन रिकॉर्ड और सूची में योगेश के दोनों जीवित बच्चों को मृत दर्शाया गया था. घर-परिवार में बिल्कुल ठीक-ठाक और जिंदा घूम रहे बच्चों को कागजों में मरा हुआ देखकर माता-पिता सन्न रह गए. कोटेदार ने भी पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि सिस्टम में जैसी फीडिंग होगी, मशीन वैसा ही दिखाएगी.
एसडीएम सिटी और डीएसओ से लगाई गुहार
बच्चों के जिंदा होने के बावजूद उन्हें कागजों में मृत दिखाए जाने से गुस्साए और परेशान योगेश सीधे अधिकारियों के पास पहुंचे. उन्होंने एसडीएम सिटी से मुलाकात कर इस पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई और तुरंत सुधार करवाने की मांग की. वहीं इस पूरे मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मेरठ के जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) विनय कुमार ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. यह बड़ी लापरवाही कहां और कैसे हुई, इसकी पड़ताल के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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