UP MLC Chunav: उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों के लिए हो रहे चुनाव ने सूबे का पारा हाई कर दिया है. कहने को मुकाबला सिर्फ 5 स्नातक और 6 शिक्षक सीटों पर है, लेकिन इसे सियासी गलियारों में ‘सत्ता का सेमीफाइनल’ माना जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर खुद सपा प्रमुख अखिलेश यादव तक ने इस जंग में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.
सूबे के 75 में से 72 जिलों में आज सुबह 8 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो शाम 4 बजे तक चलेगी. आइए जानते हैं इस महामुकाबले से जुड़ी हर बड़ी बात:
दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर(UP MLC Chunav)
इस चुनाव को लेकर सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के बीच किस कदर जोरआजमाइश चल रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मैदान में जीत हासिल करने के लिए दर्जनों मंत्रियों, सांसदों और सौ से ज्यादा विधायकों को मैदान में उतारा गया है.
घमासान इतना बढ़ गया है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रशासनिक अधिकारियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपनी ‘जेल जाने की तैयारी’ पुख्ता रखें. चुनाव आयोग की सख्ती और राजनीतिक दलों के हाई-वोल्टेज प्रचार ने इस चुनाव को किसी आम चुनाव से कहीं ज्यादा बड़ा बना दिया है.
14 लाख से ज्यादा मतदाता तय करेंगे भविष्य
विधान परिषद की इन 11 सीटों के लिए कुल 14.18 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जिनके पाले में 152 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर लगी है. मतदान को पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने पानी की तरह पैसा और संसाधन बहाए हैं. चुनाव वाले 72 जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, 11 प्रेक्षकों की तैनाती की गई है, और हर पोलिंग बूथ पर माइक्रो ऑब्जर्वर के साथ वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई है.
इसके अलावा किसी भी वोटर को पहचान पत्र या छोटी-मोटी लिपिकीय (क्लिकल) त्रुटियों के चलते वोट डालने से न रोकने के कड़े निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा दिए गए हैं.
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कहां-कहां हो रहा है मतदान और क्या हैं पाबंदियां?
जिन पांच खंड स्नातक सीटों पर वोटिंग हो रही है उनमें लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं. वहीं छह खंड शिक्षक सीटों में लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र शामिल हैं. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मतदान वाले सभी 72 जिलों में 12वीं तक के सभी स्कूल और शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रखी गई हैं.
मतों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी और उसी दिन तय होगा कि सत्ता के इस सेमीफाइनल का असली सिकंदर कौन बनता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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