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भारत के पड़ोसियों पर भूकंप का कहर…! तिब्बत में 16 मौतों से मचा हाहाकार, पाक-अफगान में भी सुबह-सुबह डोली धरती

तिब्बत में शक्तिशाली भूकंप के बाद बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर सामने आई है, जिसमें 16 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने का दावा किया गया है.

Earthquake

Earthquake News Today: भारत के पड़ोसी देशों में इस वक्त कुदरत का भयंकर तांडव देखने को मिल रहा है. गुरुवार की देर रात से लेकर शुक्रवार की सुबह तक एशिया के कई हिस्सों में धरती इस कदर कांपी कि चारों तरफ तबाही का मंजर पसर गया. तिब्बत से लेकर चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान तक भूकंप (Earthquake) के जोरदार झटकों से दहशत फैल गई है.

अकेले तिब्बत में आए 7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने ऐसा कहर ढाया कि 16 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और सैकड़ों मकान मलबे में तब्दील हो गए, जबकि भारत के पश्चिम में स्थित पाकिस्तान और अफगानिस्तान की धरती भी सुबह-सुबह डोल उठी.

तिब्बत में 7 की तीव्रता से आया भूकंप(Earthquake in Tibet)

चीनी सरकारी मीडिया और अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, गुरुवार रात लगभग 10:33 बजे तिब्बत के नागचू (Nagchu) क्षेत्र में जमीन से 18 किलोमीटर की गहराई पर 7 तीव्रता का भीषण भूकंप आया. पिछले पांच वर्षों में इस इलाके में आया यह सबसे बड़ा और विनाशकारी भूकंप है.

इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 54 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं.

उत्तरी तिब्बत के नागचू शहर में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है, जहां कम से कम 339 घर और मवेशियों के 20 शेड पूरी तरह ढह गए.

इलाके में संचार सेवाएं ठप हो चुकी हैं और पहाड़ों से बड़े पैमाने पर चट्टानें गिरने के कारण नेशनल हाईवे-317 को बंद करना पड़ा है. मौसम विभाग की चेतावनी है कि अगले तीन दिनों तक बर्फबारी होने से राहत कार्यों में भारी बाधा आ सकती है.

 

सुबह-सुबह पाक-अफगान में भी कांपी धरती

तिब्बत के बाद शुक्रवार की सुबह-सुबह भारत के अन्य पड़ोसियों यानी पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी सिहरन पैदा करने वाले झटके महसूस किए गए.

पाकिस्तान: नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, शुक्रवार सुबह ठीक 4 बजकर 56 मिनट पर पाकिस्तान की धरती डोली, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई.

अफगानिस्तान: इसके ठीक बाद, सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर अफगानिस्तान में भी 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया.

हालांकि इन दोनों देशों में जानमाल के बड़े नुकसान की तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार आ रहे इन भूकंपों ने पूरे क्षेत्र के लोगों को नींद से जगाकर सड़कों पर आने को मजबूर कर दिया है.

भारत के पड़ोसी देशों की बढ़ी मुसीबतें

एक तरफ जहां चीन अपने हिस्से के तिब्बत में गिरे 1,600 से ज्यादा राहत कर्मियों और 3,000 टेंटों के सहारे राहत बचाव में जुटा है, वहीं पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे पहले से आर्थिक व राजनीतिक संकट से जूझ रहे देशों में इस तरह की प्राकृतिक आपदाएं भारी तबाही लेकर आई हैं. हिमालयी और एशियाई बेल्ट में अचानक सक्रिय हुई भूकंपीय गतिविधियों ने यह साबित कर दिया है कि प्रकृति के आगे किसी की नहीं चलती.

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-भारत एक्सप्रेस



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