Himanshu Bhau Arrested news: भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन चुके और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कट्टर विरोधी, कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को लेकर दुनिया के दूसरे कोने से एक बहुत बड़ी सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों की पुलिस और NIA की हिट लिस्ट में शामिल मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिका में फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने दबोच लिया है. विदेशी धरती पर बैठकर देश में कत्लेआम और फिरौती का नेटवर्क चलाने वाले इस शातिर अपराधी की गिरफ्तारी से अपराध जगत में भूचाल आ गया है.
एल्विश यादव के घर फायरिंग का मास्टरमाइंड(Himanshu Bhau Arrested)
हरियाणा के रोहतक जिले के रिटोली गांव का रहने वाला 2002 में जन्मा हिमांशु उर्फ भाऊ रिटोलिया महज 17 साल की उम्र में अपराध की अंधी दुनिया में उतर गया था. साल 2020 में वह हिसार के बाल सुधार गृह से अपने 20 साथियों के साथ फरार हो गया था, जिसके बाद से उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
एल्विश यादव के घर हमला: हिमांशु भाऊ ने ही मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस विनर एल्विश यादव के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलवाई थीं.
बर्गर किंग मर्डर और रंगदारी: दिल्ली के बर्गर किंग में हुई सनसनीखेज हत्या, बेरी चेयरमैन की हत्या की साजिश और जिम ट्रेनर विजय की हत्या जैसे संगीन मामलों में इसी गैंग का हाथ था.
वर्चुअल आतंक: देश से फरार होने के बाद वह पुर्तगाल और फिर अमेरिका में बैठकर स्नैपचैट और वर्चुअल नंबरों के जरिए एनसीआर (NCR) के कारोबारियों और बिल्डरों से करोड़ों की फिरौती वसूल रहा था.
लाखों का इनाम था घोषित
हिमांशु भाऊ के खौफ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसके खिलाफ साल 2023 में ही इंटरपोल (Interpol) का रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया गया था. भारत में उसकी गिरफ्तारी पर हरियाणा पुलिस ने 2.5 लाख रुपये और दिल्ली पुलिस ने 1 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और हरियाणा STF लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं, और अब अमेरिकी एजेंसी FBI के जरिए उसे शिकंजे में कस लिया गया है.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ खुली दुश्मनी
गैंगस्टर हिमांशु भाऊ खुद को लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गिरोह का सबसे बड़ा दुश्मन मानता था. सोशल मीडिया पर धमकियां देना और वारदातों के बाद पोस्ट डालकर जिम्मेदारी लेना उसका स्टाइल रहा है. अब देखना यह है कि अमेरिकी एजेंसियों के हत्थे चढ़ने के बाद भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसियां उसे प्रत्यर्पित (Extradite) करके कब तक देश की धरती पर लाती हैं, ताकि उसके काले कारनामों का हिसाब भारतीय कानून के मुताबिक चुकता किया जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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