काशी के आसमान में गरजे राफेल-सुखोई
Varanasi Air Show: शनिवार को वाराणसी में एक बार फिर ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया. ‘विंग्स ओवर गंगा’ कार्यक्रम के दूसरे दिन गंगा के दोनों किनारों पर हजारों लोग भारतीय वायुसेना का एयर शो देखने पहुंचे. जैसे ही लड़ाकू विमानों ने आसमान में उड़ान भरी, लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया. विमान जब तेज रफ्तार से गंगा के ऊपर करतब दिखा रहे थे, तब घाटों पर मौजूद लोग भारत माता की जय, वंदे मातरम् और हर-हर महादेव के नारों से माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर रहे थे.
एयर फोर्स डे कार्यक्रम में दिखा आधुनिक सैन्य कौशल
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित ‘एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026’ में देश की आधुनिक हवाई शक्ति का शानदार प्रदर्शन किया गया. इस कार्यक्रम में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, मिराज-2000, मिग-29, एलसीए और जगुआर जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने हिस्सा लिया. इसके अलावा हार्वर्ड विमान के साथ सूर्यकिरण और सारंग एरोबैटिक टीमों ने भी अपने बेहतरीन प्रदर्शन से लोगों का दिल जीत लिया.
तय समय पर शुरू हुआ रोमांचक प्रदर्शन
सुबह 11:40 बजे जैसे ही गंगा के एक छोर से विमानों का प्रवेश शुरू हुआ, पूरे कार्यक्रम में रोमांच भर गया. अलग-अलग दिशा से आने वाले विमानों ने बेहद सटीक तालमेल और अनुशासन के साथ कई आकर्षक फॉर्मेशन बनाईं. कभी विमान एक सीधी रेखा में उड़ते दिखे तो कभी हैरतअंगेज अंदाज में हवा को चीरते नजर आए. उनकी गति और समन्वय देखकर दर्शक लगातार तालियां बजाते रहे.
कमेंट्री से लोगों को मिली नई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विमानों और वायुसेना की क्षमताओं पर लगातार कमेंट्री भी की गई. इसके जरिए दर्शकों को लड़ाकू विमानों की तकनीक, उनकी भूमिका और सैन्य महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी मिली. इससे एयर शो केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को भारतीय वायुसेना की कार्यशैली और ताकत को समझने का अवसर भी मिला.
हेलीकॉप्टरों ने भी बिखेरा दमदार जलवा
इस आयोजन में सिर्फ फाइटर जेट ही नहीं, बल्कि कई अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर भी आकर्षण का केंद्र बने रहे. एलसीएच, चिनूक, एएलएच मार्क-III, एएलएच मार्क-IV, अपाचे, चेतक, कामोव-31 और एमआई-17 वी5 जैसे हेलीकॉप्टरों ने अपने प्रदर्शन से लोगों को प्रभावित किया. उनकी उड़ान और संचालन क्षमता ने कार्यक्रम के रोमांच को और बढ़ा दिया.
परिवहन और सहायक विमानों ने दिखाई क्षमता
हवाई प्रदर्शन में परिवहन और सहायक विमानों की भी अहम भागीदारी रही. सी-295, सी-17, सी-130, एईडब्ल्यूएंडसी, आईएल-78, एएन-32 और पी-8आई जैसे विमानों ने हिस्सा लिया. भारतीय सेना के दो एएलएच हेलीकॉप्टर और भारतीय नौसेना के एक पी-8आई विमान तथा एक कामोव-31 हेलीकॉप्टर भी इस आयोजन का हिस्सा बने. वहीं, भारतीय वायुसेना के गरुड़ स्पेशल फोर्स की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और विशेष बना दिया.
100 विमानों ने पेश की शक्ति की तस्वीर
इस भव्य एयर शो में कुल 100 विमानों ने भाग लिया. इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक ऐतिहासिक विमान शामिल था. इन सभी ने देश के 12 अलग-अलग एयरबेस से उड़ान भरकर काशी के आसमान में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया. गंगा के ऊपर हुआ यह नजारा भारतीय वायुसेना की विशाल परिचालन क्षमता और तकनीकी दक्षता का जीवंत उदाहरण बन गया.
दर्शकों ने बताया अविस्मरणीय अनुभव
एयर शो देखने पहुंचीं रश्मि ने कहा कि हवा में लड़ाकू विमानों द्वारा बनाई गई दिल और डीएनए की आकृतियां बेहद रोमांचक थीं. उनके मुताबिक, भारतीय सेना और वायुसेना के साहस को इतने करीब से देखना गर्व का विषय है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि इस आयोजन ने काशीवासियों को भारतीय सैन्य शक्ति को करीब से महसूस करने का अवसर दिया है.
युवाओं और बच्चों में दिखा खास उत्साह
दर्शक योगेश्वर ने कहा कि बच्चों के लिए यह कार्यक्रम बेहद प्रेरणादायक रहा. उन्होंने बताया कि लड़ाकू विमानों को करतब करते देख बच्चे काफी उत्साहित थे. उनके अनुसार, यह आयोजन केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि देशभक्ति और सेना के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने वाला अवसर भी है. उन्होंने कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने और सुरक्षा व्यवस्था की भी सराहना की.
पहली बार का अनुभव बना यादगार
भूमिका खन्ना ने कहा कि काशी में पहली बार इतने बड़े स्तर पर एयर शो का आयोजन होना ऐतिहासिक है. उन्होंने बताया कि लाइव कमेंट्री के जरिए आम लोगों को विमानों की खूबियों की जानकारी मिली. घाटों पर उमड़ी भीड़ और वंदे मातरम् के नारों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया. उनके अनुसार, यह आयोजन लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहेगा.
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाई शोभा
हवाई करतबों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया. नमो घाट पर वसंत महिला महाविद्यालय और अन्य स्कूलों की छात्राओं ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं. इससे पूरे आयोजन में सांस्कृतिक रंग भी जुड़ गया.
छात्राओं ने साझा किया गर्व का अनुभव
श्रेया तिवारी और आकृति श्री ने कहा कि भारतीय वायुसेना के शौर्य को समर्पित मंच पर प्रस्तुति देना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में देशसेवा का जज्बा मजबूत करते हैं. उनके अनुसार, इस तरह के आयोजनों से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होती है.
तीसरे दिन और बढ़ेगा उत्साह
गौरतलब है कि ‘विंग्स ओवर गंगा’ का पहला प्रदर्शन 22 अक्टूबर को हुआ था. दूसरे दिन का आयोजन शनिवार को संपन्न हुआ और अब 25 अक्टूबर को इसका तीसरा एवं अंतिम प्रदर्शन प्रस्तावित है. अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में काशी में एक बार फिर देशभक्ति और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिल सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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